दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का 42वां दीक्षांत समारोह सोमवार को दीक्षा भवन में आयोजित किया गया। इस दौरान स्नातक की विभिन्न कक्षाओं में सर्वोच्च अंक पाने वाले 11 मेधावियों को गोल्ड मेडल से नवाजा गया। साथ ही 25 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। वहीं, मेधावियों को 32 स्मृति गोल्ड मेडल भी दिए गए। 11 मेधावियों में नौ छात्राओं ने सफलता का झंडा गाड़ा। इसमें चार टॉपर्स बेटियों ने पांच-पांच गोल्ड मेडल प्राप्त किए। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के हाथों सोने का तमगा पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे।
चमके होनहार: गोरखपुर विश्वविद्यालय में 11 मेधावियों को मिले गोल्ड मेडल, 25 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि
दीक्षांत समारोह की शुरुआत सुबह 11.30 बजे विद्वत पदयात्रा के साथ हुई। विद्वत पदयात्रा में विश्वविद्यालय के सभी आचार्य, विद्या परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य एवं कुलसचिव शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में वर्ष 2022-23 के स्नातक के विभिन्न पाठ्यक्रमों के 11 टॉपर्स को विश्वविद्यालय के आठ स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इसके साथ ही 24 डोनर पदक भी दिया गया। दीक्षा समारोह में 25 शोधकर्ताओं को उपाधि प्रदान की गई। इसमें तीन विदेशी शोधार्थी शामिल रहे।
कुलाधिपति ने परिषदीय स्कूल के 30 छात्र-छात्राओं में शैक्षणिक कीट वितरित किया। इसके अलावा पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी कीट प्रदान किया गया। इस मौके पर कुलाधिपति ने दो पुस्तकों का भी लोकार्पण किया। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने गोल्ड मेडलिस्टों एवं उपाधि धारकों को सत्य बोलने, दायित्व का निर्वहन करने, राष्ट्रहित सर्वोपरि मानने और अनुशासित जीवन जीने की प्रतिज्ञा दिलाई।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय को शिक्षा का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने का लक्ष्य लिया गया है। नैक में ए प्लस प्लस मिल गया है। अब एनआईआरएफ और क्यूएस रैंकिंग में जगह बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. तुलिका मिश्रा ने किया।