दहेज हत्या: आरोपी पति को 10 साल का कठोर कारावास, सात साल पहले दर्ज हुआ था मुकदमा
अभियुक्त पति शमशाद को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी है। अभियुक्त पर 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगा है। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को दो माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपर सत्र न्यायाधीश कमालुद्दीन ने दहेज हत्या के सात साल पुराने मामले में जुर्म सिद्ध पाए जाने पर पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल पकड़ी निवासी अभियुक्त पति शमशाद को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी है। अभियुक्त पर 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगा है। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को दो माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद पांडेय और सिद्धार्थ सिंह का कहना था कि वादी निजामुद्दीन, महराजगंज जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम बेइलिया का निवासी है। उनकी लड़की सरीफुन निशा की शादी, अभियुक्त शमशाद से हुई थी।
शादी में वादी ने अपनी क्षमता के अनुसार दहेज दिया था। उसके बाद भी अभियुक्त शमसाद उनकी बेटी को रुपयों की मांग को लेकर प्रताड़ित करता था। 27 जून 2015 को वादी की लड़की सरीफुन निशा को पति शमशाद और परिवारवालों ने मिलकर मार डाला।
लड़की को भगा ले जाने के मामले में दोषी को चार साल की सजा
गोरखपुर में स्कूल गई लड़की को शादी का झांसा देकर भगा ले जाने के मामले में जुर्म सिद्ध होने पर अभियुक्त अजहर को चार साल की सख्त सजा हुई है। दोषी को तीन हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा। अर्थदंड नहीं देने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश राहुल दूबे ने फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभयानंदन त्रिपाठी और धर्मेंद्र दूबे का कहना था कि 11 सितंबर 2017 को एक लड़की अपनी बहन के साथ स्कूल गई थी। वहां से उसे गोरखनाथ थाना क्षेत्र के जमुनहिया निवासी अभियुक्त अजहर, शादी का झांसा देकर अपने साथ लेकर चला गया था। अपर सत्र न्यायाधीश राहुल दूबे ने मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त अजहर को सजा सुनाई।