निखरेगा हुनर, चमकेगा कारोबार: टेराकोटा व रेडीमेड गारमेंट के कारीगरों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, मिलेगी फ्री टूलकिट
टेराकोटा व रेडीमेड गारमेंट के कारीगरों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, प्रशिक्षण के बाद सभी प्रतिभागियों को सरकार की तरफ से निशुल्क मिलेगा टूलकिट।
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प्रदेश के एमएसएमई राज्य मंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल हरेक शिल्प व उद्यम को सरकार हरेक तरह की सुविधाएं व संसाधन मुहैया करा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा जिले की ओडीओपी में शामिल किए गए टेराकोटा माटी शिल्प और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर को और ऊंचाई मिलने जा रही है। दोनों सेक्टरों में शिल्पियों व कारीगरों का हुनर निखारकर उनके कारोबार को चमकाने की तैयारी जारी है।
सोमवार को टेराकोटा व रेडीमेड गारमेंट के कारीगरों को प्रशिक्षण कर अपनी विधा में सिद्धहस्त बनाने के लिए ओडीओपी योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश डिजाइन एवं शोध संस्थान लखनऊ की ओर से नकहा नंबर एक में 10 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया किया। शुभारंभ एमएसएमई राज्य मंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने किया।
प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि सरकार ओडीओपी के तहत चयनित शिल्प/उद्यम के लिए हर प्रकार की सुविधा व संसाधन दे रही है। इससे जुड़कर अपने गांव-घर से ही कारोबार को नई ऊंचाई दी जा सकती है। शिल्पकार व कारीगरों की आत्मनिर्भरता के लिए ओडीओपी योजना एक वरदान की तरह है।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड रिसर्च की अध्यक्ष क्षिप्रा शुक्ला, उद्योग उपायुक्त रवि कुमार शर्मा ने ओडीओपी के तहत सरकार की तरफ से मिल रही सेवाओं व सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के बाद शिल्पियों, कारीगरों को सरकार की तरफ से टूलकिट भी दिया जाएगा।
400 कारीगरों व शिल्पियों का किया गया चयन
10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के तहत कुल 400 कारीगरों व शिल्पियों का चयन किया गया है। इनमें 100 टेराकोटा शिल्पी शामिल हैं, शेष 300 रेडीमेड गारमेंट सेक्टर से जुड़े कारीगर। इनमें सर्वाधिक संख्या महिलाओं की है। इन्हें 25-25 की समूह में बांटकर एक विशेषज्ञ द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सरकार की तरफ से निशुल्क टूलकिट भी दिया जाएगा।
पूंजी, प्रशिक्षण, टूलकिट सबकुछ दे रही योगी सरकार
कई पुरस्कार प्राप्त टेराकोटा शिल्पकार और इस विधा के मास्टर ट्रेनर राजन प्रजापति का कहना है कि ओडीओपी के तहत योगी सरकार सबकुछ दे रही है। कारोबार शुरू करने को पूंजी अनुदान मिल रहा है। हुनर निखारने को प्रशिक्षण और व्यवहारिक रूप में काम शुरू कर देने को टूलकिट भी। काम करने को बस लगन चाहिए, बाकी सबकुछ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओडीओपी योजना से मिल रहा है।
ओडीओपी में शामिल होने के बाद बढ़ा टेराकोटा का दायरा
एक दौर तक टेराकोटा का दायरा गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के औरंगाबाद व आसपास के कुछ गांवों तक सीमित था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे जिले का ओडीओपी घोषित कर इसके उन्नयन के प्रयास किए तो अब इसका दायरा बढ़ने लगा है। कुछ सालों से पादरी बाजार क्षेत्र में भी टेराकोटा का काम होने लगा है तो अब चौरीचौरा क्षेत्र के राजी राजधानी, जगदीशपुर में भी कुछ माटी कलाकारों ने टेराकोटा शिल्प में भी हाथ आजमाना शुरू कर दिया है। प्रशिक्षण से उनके हुनर में और निखार आएगा और ओडीओपी स्कीम में अनुदान से वह भी अपना कारोबार चमका सकेंगे।