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दस दिन बाद बैकफुट पर आया पिलर्स स्कूल का प्रबंधन
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दस दिन बाद बैकफुट पर आया पिलर्स स्कूल का प्रबंधन
गोरखपुर। स्कूल फीस जमा नहीं कराने पर ऑनलाइन क्लास और टेस्ट से बाहर किए गए बच्चों के मामले में पिलर्स पब्लिक स्कूल प्रबंधन बैकफुट पर आ गया है। स्कूल प्रबंधन ने डीआईओएस की ओर से भेजे गए दूसरे नोटिस का जवाब दे दिया है। इसके मुताबिक बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित नहीं किया जाएगा। प्रबंधन ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों को स्कूल प्रबंधक या प्रधानाचार्य को पत्र देना चाहिए। आश्वस्त किया कि उनके आवेदन पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा। कुछ बच्चों को ग्रुप से जोड़ दिया है। बाकी बच्चों को भी जल्द ही जोड़ लिया जाएगा।
24 जून को द पिलर्स पब्लिक स्कूल प्रबंधन पर अभिभावकों ने स्कूल फीस जमा नहीं कराने पर बच्चों को ऑनलाइन टेस्ट और क्लास से बाहर करने का आरोप लगाया था। स्कूल गेट पर प्रदर्शन करने के साथ ही स्कूल प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ डीएम को ज्ञापन सौंपा था। मामले का संज्ञान लेकर डीआईओएस ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया था। मगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर डीआईओएस ने दूसरा नोटिस जारी कर स्कूल प्रबंधन को तीन साल की स्कूल फीस के ब्योरे के साथ तलब किया था। शुक्रवार को स्कूल प्रबंधन की ओर से डीआईओएस के समक्ष फीस का रिकार्ड लेकर जिम्मेदार पहुंचे। कहा कि कुछ अभिभावकों ने पिछले साल की भी फीस जमा नहीं की है। जिस वजह से स्कूल प्रबंधन को शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन देने में परेशानी हो रही है। नेटवर्क की गड़बड़ी की वजह से बच्चे ग्रुप से बाहर हो गए थे। उनका ऑनलाइन टेस्ट आगे कराया जाएगा। ऑनलाइन क्लास से बच्चों को वंचित नहीं किया जाएगा।
कुछ अभिभावक बिगाड़ रहे विद्यालय की साख
स्कूल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि कुछ अभिभावक प्रत्येक वर्ष फीस को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हैं। इनकी ओर से फीस जमा नहीं कराई जाती है। मगर स्कूल प्रबंधन ने किसी बच्चे को स्कूल से बाहर नहीं किया है। लॉकडाउन में हमारी संवेदनाएं अभिभावकों के साथ हैं। उन्हें भी स्कूल प्रबंधन की मजबूरी के बारे में सोचना चाहिए।
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स्कूल प्रबंधन ने तीन साल के फीस रिकार्ड के साथ अपना पक्ष रखा है। ऑनलाइन क्लास से बच्चों को जोड़ने का भरोसा दिलाया गया है। कुछ नंबर मैंने खुद अभिभावकों के मुहैया कराए हैं, जिन्हें जोड़ लिया गया। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों से स्कूल प्रबंधन को पत्र देने की बात कही है। उनके पत्र पर स्कूल प्रबंधन ने सहानुभूति पूर्वक विचार करेगा। किसी प्रकार का कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है।
- ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला विद्यालय निरीक्षक
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गोरखपुर। स्कूल फीस जमा नहीं कराने पर ऑनलाइन क्लास और टेस्ट से बाहर किए गए बच्चों के मामले में पिलर्स पब्लिक स्कूल प्रबंधन बैकफुट पर आ गया है। स्कूल प्रबंधन ने डीआईओएस की ओर से भेजे गए दूसरे नोटिस का जवाब दे दिया है। इसके मुताबिक बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित नहीं किया जाएगा। प्रबंधन ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों को स्कूल प्रबंधक या प्रधानाचार्य को पत्र देना चाहिए। आश्वस्त किया कि उनके आवेदन पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा। कुछ बच्चों को ग्रुप से जोड़ दिया है। बाकी बच्चों को भी जल्द ही जोड़ लिया जाएगा।
24 जून को द पिलर्स पब्लिक स्कूल प्रबंधन पर अभिभावकों ने स्कूल फीस जमा नहीं कराने पर बच्चों को ऑनलाइन टेस्ट और क्लास से बाहर करने का आरोप लगाया था। स्कूल गेट पर प्रदर्शन करने के साथ ही स्कूल प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ डीएम को ज्ञापन सौंपा था। मामले का संज्ञान लेकर डीआईओएस ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया था। मगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर डीआईओएस ने दूसरा नोटिस जारी कर स्कूल प्रबंधन को तीन साल की स्कूल फीस के ब्योरे के साथ तलब किया था। शुक्रवार को स्कूल प्रबंधन की ओर से डीआईओएस के समक्ष फीस का रिकार्ड लेकर जिम्मेदार पहुंचे। कहा कि कुछ अभिभावकों ने पिछले साल की भी फीस जमा नहीं की है। जिस वजह से स्कूल प्रबंधन को शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन देने में परेशानी हो रही है। नेटवर्क की गड़बड़ी की वजह से बच्चे ग्रुप से बाहर हो गए थे। उनका ऑनलाइन टेस्ट आगे कराया जाएगा। ऑनलाइन क्लास से बच्चों को वंचित नहीं किया जाएगा।
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कुछ अभिभावक बिगाड़ रहे विद्यालय की साख
स्कूल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि कुछ अभिभावक प्रत्येक वर्ष फीस को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हैं। इनकी ओर से फीस जमा नहीं कराई जाती है। मगर स्कूल प्रबंधन ने किसी बच्चे को स्कूल से बाहर नहीं किया है। लॉकडाउन में हमारी संवेदनाएं अभिभावकों के साथ हैं। उन्हें भी स्कूल प्रबंधन की मजबूरी के बारे में सोचना चाहिए।
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स्कूल प्रबंधन ने तीन साल के फीस रिकार्ड के साथ अपना पक्ष रखा है। ऑनलाइन क्लास से बच्चों को जोड़ने का भरोसा दिलाया गया है। कुछ नंबर मैंने खुद अभिभावकों के मुहैया कराए हैं, जिन्हें जोड़ लिया गया। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों से स्कूल प्रबंधन को पत्र देने की बात कही है। उनके पत्र पर स्कूल प्रबंधन ने सहानुभूति पूर्वक विचार करेगा। किसी प्रकार का कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है।
- ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला विद्यालय निरीक्षक