{"_id":"5fa8d4f08ebc3e9ba43c1006","slug":"1-73-crore-received-for-construction-of-guru-gorakshanath-shodhpeeth-building-in-ddu-gorakhpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सीएम योगी ने दो साल पहले गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ भवन की रखी थी आधारशिला, निर्माण के लिए मिला 1.73 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम योगी ने दो साल पहले गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ भवन की रखी थी आधारशिला, निर्माण के लिए मिला 1.73 करोड़
Mon, 09 Nov 2020 11:07 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 09 Nov 2020 11:07 AM IST
विज्ञापन
बाबा गोरखनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ के निमार्णाधीन भवन के लिए शासन ने 1.73 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। बजट जारी होने से अब निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
विश्वविद्यालय के पुराने वाणिज्य संकाय भवन को गिराकर शोधपीठ का तीन मंजिला भवन बनाया जा रहा है। इसके निर्माण की आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 नवंबर 2018 को गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रखी थी।
भवन निर्माण के लिए शासन स्तर पर 28 नवंबर 2018 को 1155.57 लाख की स्वीकृति दी गई थी। सत्र 2020-21 में पांच करोड़ बजट के सापेक्ष एक करोड़ 73 लाख की किस्त जारी की गई है। प्रमुख सचिव मुकेश मुश्राम ने जारी दिशा निर्देश में बजट के आवंटन की शर्त का जिक्र किया है। जिसमें साफ तौर पर निर्माण की गति तेज करने पर जोर दिया गया है।
विज्ञापन
कहा गया है कि कार्यदायी संस्था के पास दो माह से ज्यादा धनराशि एक मुश्त नहीं रहनी चाहिए। वित्त नियंत्रक द्वारा दो-दो माह के अंतराल पर ही धनराशि को कोषागार से आवंटन किया जाएगा। इसके अलावा जीएसटी भुगतान के संबंध में कार्यदायी संस्था सक्षम अधिकारी से प्रमाणित कागजात शासन को उपलब्ध कराएगा।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के पुराने वाणिज्य संकाय भवन को गिराकर शोधपीठ का तीन मंजिला भवन बनाया जा रहा है। इसके निर्माण की आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 नवंबर 2018 को गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रखी थी।
विज्ञापन
भवन निर्माण के लिए शासन स्तर पर 28 नवंबर 2018 को 1155.57 लाख की स्वीकृति दी गई थी। सत्र 2020-21 में पांच करोड़ बजट के सापेक्ष एक करोड़ 73 लाख की किस्त जारी की गई है। प्रमुख सचिव मुकेश मुश्राम ने जारी दिशा निर्देश में बजट के आवंटन की शर्त का जिक्र किया है। जिसमें साफ तौर पर निर्माण की गति तेज करने पर जोर दिया गया है।
विज्ञापन
कहा गया है कि कार्यदायी संस्था के पास दो माह से ज्यादा धनराशि एक मुश्त नहीं रहनी चाहिए। वित्त नियंत्रक द्वारा दो-दो माह के अंतराल पर ही धनराशि को कोषागार से आवंटन किया जाएगा। इसके अलावा जीएसटी भुगतान के संबंध में कार्यदायी संस्था सक्षम अधिकारी से प्रमाणित कागजात शासन को उपलब्ध कराएगा।
महंत दिग्विजयनाथ पार्क की और बढ़ेगी भव्यता
रामगढ़ ताल के किनारे लेक व्यू के पास विकसित किए जा रहे महंत दिग्विजयनाथ पार्क की भव्यता और बढ़ेगी। पार्क के चारों और पाथ-वे बनाने के साथ स्टील की रेलिंग व पौधे भी लगाए जाएंगे।
रामगढ़ताल के किनारे गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने नुमाइश ग्राउंड बनाया है। बाद में इसका नाम बदलकर महंत दिग्विजयनाथ पार्क रख दिया गया। पार्क के बीच में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की आदमकद प्रतिमा लगाई जा रही है। प्रतिमा के चारों ओर सुंदरीकरण कराया जा रहा है। जल्द ही इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं। जीडीए उपाध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि जल्द ही काम पूरा हो जाएगा।
रामगढ़ताल के किनारे गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने नुमाइश ग्राउंड बनाया है। बाद में इसका नाम बदलकर महंत दिग्विजयनाथ पार्क रख दिया गया। पार्क के बीच में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की आदमकद प्रतिमा लगाई जा रही है। प्रतिमा के चारों ओर सुंदरीकरण कराया जा रहा है। जल्द ही इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं। जीडीए उपाध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि जल्द ही काम पूरा हो जाएगा।