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दिवाली 2018: वास्तु के अनुसार घर की दीवारों का रंग होगा ऐसा तो जमकर बरसेगा पैसा
महेंद्र शर्मा, ज्योतिषाचार्य
Updated Sun, 04 Nov 2018 07:17 AM IST
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- फोटो : file photo
दिवाली की तैयारियों के बीच घर की साज-सज्जा और रंग-रोगन करना अच्छी बात है, लेकिन दीवारों पर रंग करवाते समय वास्तु शास्त्र का ध्यान जरूर रखें।दिवाली आने वाली है। आप इसकी तैयारियों में भी लग चुके होंगे। घर की दीवारों का रंग क्या होगा, यह भी सोच लिया होगा और रंग-रोगन की तैयारियां भी शुरू कर दी होंगी। दीवाली पर मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारी के लिए घर को साफ-सुथरा और खूबसूरत बनाना ठीक है, लेकिन दीवारों के रंगों को वास्तु अनुरूप रखकर आप मां लक्ष्मी को स्थायी रूप से अपने घर में ठहरा सकते हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दीवारों का रंग हमारे विचारों और कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। हमारे घर का रंग जैसा होता है, उसी रंग के स्वभाव जैसा ही हमारा स्वभाव भी हो जाता है। इसी वजह से घर की दीवारों को वास्तु के अनुसार रंगवाना चाहिए।
पीला रंग
पीला रंग सुकून व रोशनी देने वाला रंग होता है। घर के ड्राइंग रूम, ऑफिस आदि की दीवारों पर यदि आप पीला रंग करवाते हैं, तो यह शुभ फल देता है। आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए आपको घर की उत्तरी दिशा की दीवारों पर हरा रंग करवाना चाहिए। घर के खिड़की-दरवाजे हमेशा गहरे रंगों से रंगवाएं। बेहतर होगा कि आप इन्हें डार्क ब्राउन रंग से रंगवाएं। जहां तक संभव हो सके, घर को रंगवाने हेतु हमेशा हल्के रंगों का प्रयोग करें।
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सफेद या बैंगनी रंग
भवन का उत्तरी भाग जल तत्व का माना जाता है। इसे धन यानी लक्ष्मी का स्थान भी कहा गया है, अत: इस स्थान को अत्यंत पवित्र व स्वच्छ रखना चाहिए और इसकी साज-सजा में हरे रंग का प्रयोग किया जाना चाहिए। उत्तर-पूर्वी कक्ष, जिसे घर का सबसे पवित्र कक्ष माना जाता है, में सफेद या बैंगनी रंग का प्रयोग करना चाहिए। इसमें अन्य गाढ़े रंगों का प्रयोग कतई न करें। उत्तर-पश्चिम कक्ष के लिए सफेद रंग को छोड़कर कोई भी रंग चुन सकते हैं।
ऑफ व्हाइट
दक्षिण-पूर्वी कक्ष में पीले या नारंगी रंग का प्रयोग करना चाहिए, जबकि दक्षिण-पश्चिम कक्ष में भूरे, ऑफ व्हाइट या भूरा या पीला मिश्रित रंग प्रयोग करना चाहिए। यदि बेड दक्षिण-पूर्वी दिशा में हो, तो कमरे में हरे रंग का प्रयोग करें।अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए आपको अपने कमरे की उत्तरी दीवार पर हरा रंग करवाना चाहिए।
आसमानी रंग
आसमानी रंग जल तत्व को इंगित करता है। घर की उत्तरी दीवार को इस रंग से रंगवाना चाहिए। घर की खिड़कियां और दरवाजे हमेशा गहरे रंगों से रंगवाएं। बेहतर होगा कि आप इन्हें डार्क ब्राउन रंग से रंगवाएं। रंगों का भी रिश्तों
पर खासा असर होता है, जहां तक संभव हो, घर के अंदर की दीवारों पर हल्के रंगों, जैसे- हल्का गुलाबी, हल्का नीला, ब्राउनिश ग्रे या मटमैले रंग का ही प्रयोग करें। ये रंग शांत, स्थिर और प्यार को बढ़ाने वाले हैं। इनसे व्यवहार में उग्रता नहीं आती है।
दो रंगों का मिलान
जिन लोगों के एक ही घर में दो गृहस्वामी होते हैं, उन्हें अपने घर की भीतरी दीवारों को दो रंगों से पुतवाना चाहिए। वास्तु के अनुसार, घर के ड्राइंग रूम और ऑफिस आदि की दीवारों पर यदि आप पीला रंग करवाते हैं, तो यह शुभ देता है।
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वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दीवारों का रंग हमारे विचारों और कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। हमारे घर का रंग जैसा होता है, उसी रंग के स्वभाव जैसा ही हमारा स्वभाव भी हो जाता है। इसी वजह से घर की दीवारों को वास्तु के अनुसार रंगवाना चाहिए।
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पीला रंग
पीला रंग सुकून व रोशनी देने वाला रंग होता है। घर के ड्राइंग रूम, ऑफिस आदि की दीवारों पर यदि आप पीला रंग करवाते हैं, तो यह शुभ फल देता है। आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए आपको घर की उत्तरी दिशा की दीवारों पर हरा रंग करवाना चाहिए। घर के खिड़की-दरवाजे हमेशा गहरे रंगों से रंगवाएं। बेहतर होगा कि आप इन्हें डार्क ब्राउन रंग से रंगवाएं। जहां तक संभव हो सके, घर को रंगवाने हेतु हमेशा हल्के रंगों का प्रयोग करें।
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सफेद या बैंगनी रंग
भवन का उत्तरी भाग जल तत्व का माना जाता है। इसे धन यानी लक्ष्मी का स्थान भी कहा गया है, अत: इस स्थान को अत्यंत पवित्र व स्वच्छ रखना चाहिए और इसकी साज-सजा में हरे रंग का प्रयोग किया जाना चाहिए। उत्तर-पूर्वी कक्ष, जिसे घर का सबसे पवित्र कक्ष माना जाता है, में सफेद या बैंगनी रंग का प्रयोग करना चाहिए। इसमें अन्य गाढ़े रंगों का प्रयोग कतई न करें। उत्तर-पश्चिम कक्ष के लिए सफेद रंग को छोड़कर कोई भी रंग चुन सकते हैं।
ऑफ व्हाइट
दक्षिण-पूर्वी कक्ष में पीले या नारंगी रंग का प्रयोग करना चाहिए, जबकि दक्षिण-पश्चिम कक्ष में भूरे, ऑफ व्हाइट या भूरा या पीला मिश्रित रंग प्रयोग करना चाहिए। यदि बेड दक्षिण-पूर्वी दिशा में हो, तो कमरे में हरे रंग का प्रयोग करें।अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए आपको अपने कमरे की उत्तरी दीवार पर हरा रंग करवाना चाहिए।
आसमानी रंग
आसमानी रंग जल तत्व को इंगित करता है। घर की उत्तरी दीवार को इस रंग से रंगवाना चाहिए। घर की खिड़कियां और दरवाजे हमेशा गहरे रंगों से रंगवाएं। बेहतर होगा कि आप इन्हें डार्क ब्राउन रंग से रंगवाएं। रंगों का भी रिश्तों
पर खासा असर होता है, जहां तक संभव हो, घर के अंदर की दीवारों पर हल्के रंगों, जैसे- हल्का गुलाबी, हल्का नीला, ब्राउनिश ग्रे या मटमैले रंग का ही प्रयोग करें। ये रंग शांत, स्थिर और प्यार को बढ़ाने वाले हैं। इनसे व्यवहार में उग्रता नहीं आती है।
दो रंगों का मिलान
जिन लोगों के एक ही घर में दो गृहस्वामी होते हैं, उन्हें अपने घर की भीतरी दीवारों को दो रंगों से पुतवाना चाहिए। वास्तु के अनुसार, घर के ड्राइंग रूम और ऑफिस आदि की दीवारों पर यदि आप पीला रंग करवाते हैं, तो यह शुभ देता है।