अगर आप अपने आइब्रो को घना दिखाना चाहती हैं, तो इसका भी पर्मानेंट तरीका है और वह उपाय है माइक्रोब्लैडिंग। अक्सर लड़कियां आइब्रो को सुंदर दिखाने के लिए आई पेंसिल या क्रीम का इस्तेमाल करती हैं। अगर आप इस तरीके से परेशान हो चुकी हैं, तो आपके लिए माइक्रोब्लैडिंग तकनीक बेहतर है।
अन्य दूसरे टैटू की तरह ही माइक्रोब्लैडिंग भी एक तरह से टैटू आर्ट ही है, जिसमें बाल से मिलते रंगों को एक मशीन के द्वारा स्किन के अंदर इम्प्लांट कर दिया जाता है।
इस प्रक्रिया में नेचुरल हेयर को स्किन के अंदर डाला जाता है, जिसके लिए एक मशीन का प्रयोग किया जाता है। इस विधि से आइब्रो को सुंदर आकार और पसंदीदा रंग दिया जाता है, ताकि यह पानी या पसीना से धुंधली न हो जाए।
इस तकनीक का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। हां, इस प्रक्रिया के पूरा होने पर आपकी त्वचा लाल पड़ सकती है, लेकिन यह 15-20 मिनट के बाद ठीक हो जाती है।
आइब्रो की बनावट, प्राकृतिक बाल से मेल खाते सही रंग का चुनाव और चेहरे के अनुसार आइब्रो का आकार तय करने के बाद इस प्रक्रिया को शुरू किया जाता है।
इस दौरान आपको हल्का-सा बेहोश किया जाता है, ताकि आप सुई का दर्द कम से कम महसूस कर सकें। प्रारंभिक प्रक्रिया के बाद आइब्रो को छूने की मनाही होती है और न ही उन्हें 10 दिनों के लिए गीला कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया के दौरान नारियल के तेल को आइब्रो पर लगाने की सलाह देते हैं। इससे यह जल्दी ठीक हो जाती है। आइब्रो में रंग को पूरी तरह से सेट करने के लिए लगभग एक महीने का समय लगता है।