अपराधियों के खिलाफ मुहिम से निवेशकों में अच्छे संदेश की उम्मीद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉकडाउन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तगड़ी चोट पहुंची है। सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सीएम व मंत्री रोजगार व निवेश के अवसर बढ़ाने के लिए निवेशकों के साथ-साथ विदेशी राजदूतों से भी संवाद कर रहे हैं। सरकार की इस पहल का अच्छे संकेत भी मिलने शुरू हुए और कई निवेशकों ने प्रोजेक्ट के लिए बात भी शुरू की।
प्रदेश के करीब एक दर्जन औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे समय बाद औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन की पहल हुई और पारदर्शी व्यवस्था के लिए ऑनलाइन आवंटन शुरू किए गए। निवेशकों ने जमीन भी खरीदी। इससे स्पष्ट है कि निवेश की बात मजबूती से आगे बढ़ रही थी। लेकिन इसी बीच बिकरू कांड ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।
जितनी बड़ी घटना, उसी अंदाज में कार्रवाई
पिछले तीन वर्ष की सबसे बड़ी वारदात से सरकार को रक्षात्मक रुख अपनाने को मजबूर होना पड़ा और इससे रोजगार व निवेश की मुहिम भी प्रभावित होने की आशंका जताई जाने लगी थी। वजह, निवेशक कहीं भी निवेश से पहले जिन तीन बातों पर पूरी गंभीरता से गौर फरमाते हैं उनमें इन्फ्रास्ट्रक्चर व 24 घंटे बिजली के साथ कानून व्यवस्था की स्थिति सबसे ऊपर होती है।
ऐसे में सरकार के सामने पुलिस जवानों की हत्या के गुनहगारों को सजा देने के साथ ही इस आशंका की धुंध को जल्द छांटने की चुनौती भी थी। इस लिहाज से सरकार हत्याकांड के गुनहगारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करके कानून-व्यवस्था पर किसी भी तरह का समझौता न होने का संदेश देने में सफल रही है। इसका निवेशकों में सबसे अच्छा असर जाएगा।
यह घटना जितनी बड़ी थी, सरकार ने कार्रवाई भी उसी अंदाज में की है। इस घटना से पहले भी आम लोगों के लिए भय का पर्याय बने अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर की मुहिम लगातार चल रही है। दो जुलाई से पहले तीन वर्ष की पुलिस कार्रवाई में 113 बदमाश मारे गए हैं और पांच पुलिस जवानों को शहीद होना पड़ा है। यही वजह रही कि प्रदेश में निवेश गतिविधियां लगातार जारी रही हैं और 1.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश जमीन पर उतर चुका है।