Sivakarthikeyan at IIFI 2024: शिवकार्तिकेयन ने साझा किए जीवन के सबक, कहा- आजाद पक्षी की तरह उड़ें, लेकिन..
Sivakarthikeyan Talk about Life Lessons: गोवा में आयोजित 55वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अमरण अभिनेता शिवकार्तिकेयन ने अपनी जिंदगी से जुड़े सबक साझा किए हैं। इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा और किस तरह से आज वह इस मुकाम पर पहुंचे हैं।
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शिवकार्तिकेयन इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म अमरण की सफलता का आनंद ले रहे हैं। गोवा में आयोजित भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में उन्होंने हिस्सा लिया, जहां उन्होंने अभिनेता एवं राजनेता खुशबू सुंदर के साथ बातचीत की और अपने जीवन, करियर और प्रेरणाओं का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोगों को हंसाना उन्होंने सिनेमा में जाने का एक माध्यम बनाया, क्योंकि यह दर्शकों को खुशी देता है, फिर चाहे वह छोटा पर्दा हो या बड़ा। उन्होंने अपने फिल्मी सफर पर आगे कहा कि पहले वह फिल्मों में काम करने के लिए किसी भी तरह की भूमिकाएं कर लेते थे, लेकिन अब फिल्मों की कहानियां उन्हें चुनती हैं।
तय कि कॉलेज में प्रोफेसरों की नकल करने से फिल्मों तक का सफर
अमरण अभिनेता ने कहा कि सिनेमा शुरू से ही उनका जुनून रहा है और वह हमेशा से ही दर्शकों का मनोरंजन करना चाहते थे। इस वजह से उन्होंने टीवी एंकर के तौर पर शुरुआत की। उन्होंने कहा, " मैंने टेलीविजन एंकरिंग से शुरुआत की, जिसने मुझे मनोरंजन के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का मौका दिया और इसे मैंने पूरे जुनून के साथ अपनाया।" एक मिमिक्री कलाकार के रूप में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए अभिनेता ने बताया कि वो अपने इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफेसरों की नकल करते थे। इसके बाद में, जब उन्होंने उनसे माफी मांगी, तो उन्होंने अभिनेता को प्रोत्साहित किया कि वह इस प्रतिभा को सही तरीके से इस्तेमाल करें।
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एक समय डिप्रेशन में जा चुके थे शिवकार्तिकेयन
इस बातचीत के दौरान अभिनेता ने अपने पिता के असामयिक निधन को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि पिता को खोना उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। अभिनेता ने कहा, "मेरे पिता के निधन के बाद, मैं लभग डिप्रेशन में जा चुका था। मेरे काम ने मुझे इससे बाहर निकाला और मेरे दर्शकों की सीटियां और तालियां ही मेरी थेरेपी बन गईं।” इस बातचीत के दौरान अभिनेता ने आगे कहा कि वह हमेशा से ही लाखों लोगों के बीच अलग दिखना चाहते थे, उनका जीवन भी बाधाओं से भरा रहा है। एक वक्त पर उन्हें लगा कि वह हार मान लें, लेकिन दर्शकों के प्यार ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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युवा पीढ़ी को दी ये सीख
अभिनेता ने युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए भी सीख दी। उन्होंने कहा, "एक उन्मुक्त पक्षी की तरह उड़ो, लेकिन हमेशा अपने घर में लौट आओ। मेरे लिए, मेरा परिवार मेरा घर है और मेरा मानना है कि जड़ों से जुड़े रहना बहुत जरूरी है। हमारे माता-पिता हमारे लिए केवल सर्वश्रेष्ठ चाहते हैं।” अभिनेता ने इस पूरे सत्र के दौरान अपना सफर, अपनी फिल्में, अपने संघर्षों और अपने जुनून का जिक्र किया, जो वाकई में काफी ज्यादा प्रेरणादायक है।
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