Miss World 2025: भक्ति भाव में डूबीं मिस वर्ल्ड प्रतिभागी, तेलंगाना के प्रसिद्ध रामप्पा मंदिर के किए दर्शन
Miss World 2025 Contestants: प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिता मिस वर्ल्ड की प्रतिभागियों ने बुधवार 14 मई को तेलंगाना की संस्कृति और धरोहरों के दर्शन किए। वे प्रसिद्ध रामप्पा मंदिर दर्शन करने भी पहुंचीं।
विस्तार
मिस वर्ल्ड 2025 की प्रतियोगियों ने बुधवार 14 मई को तेलंगाना के दो सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों के दर्शन किए। वे मुलुगु जिले में रामप्पा मंदिर दर्शन करने पहुंचीं। इसके बाद वारंगल में प्रसिद्ध हजार स्तंभ मंदिर भी पहुंचीं। इस दौरान प्रतिभागी पारंपरिक भारतीय परिधान में नजर आईं। भारतीय संस्कृति और धरोहरों को देख वे अभिभूत हुईं।
रामप्पा मंदिर दर्शन से शुरू हुई यात्रा
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, तेलंगाना में बुधवार को मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की प्रतिभागियों को भारतीय सांस्कृतिक को नजदीक से देखने का अवसर मिला। उन्होंने इन ऐतिहासिक स्थलों पर साड़ियां भेंट कीं और प्रार्थनाएं कीं। तेलंगाना पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस टूर की शुरुआत रामप्पा मंदिर से हुई, जिसे रुद्रेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां प्रतिभागियों का भव्य स्वागत हुआ।
Cannes Film Festival: कान फिल्म फेस्टिवल में भारतीय सिनेमा, चेतन आनंद की 'नीचा नगर' से हुई थी शुरुआत, पढ़िए
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ प्रतिभागियों का भव्य स्वागत
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित पारंपरिक कोम्मु कोया नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भाग ले रहीं सुंदरियों का स्वागत किया गया। इसमें क्षेत्र की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया गया। मंदिर में प्रवेश करने से पहले प्रतियोगियों ने पानी से भरी सुंदर प्लेटों का उपयोग करते हुए पारंपरिक पैर धोने की रस्म पूरी की।
Superman Trailer: 'तुम्हारे फैसले और कर्म, यही बताते हैं कि असल में तुम कौन हो?' सुपरमैन का धांसू ट्रेलर आया
स्थानीय दुकानदारों से की खरीदारी
काकतीय राजवंश के शासनकाल में 13वीं शताब्दी में निर्मित रामप्पा मंदिर वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है। स्थानीय गाइड और सांस्कृतिक विशेषज्ञों के साथ प्रतियोगियों ने मंदिर की नक्काशी, इसकी छत में इस्तेमाल हल्की तैरती ईंटों और काकतीय युग की इंजीनियरिंग के बारे में जानकारी ली। इसके बाद प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक अनुभव के लिए आस-पास के फेरीवालों के स्टॉलों का दौरा किया, स्थानीय कारीगरों और विक्रेताओं के साथ बातचीत करते हुए खरीदारी की।