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Zubeen Garg: जुबीन की मौत से जुड़े केस में CID की कार्रवाई, इवेंट मैनेजर पर लगे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

Sun, 28 Sep 2025 04:51 PM IST
हिमांशु सोनी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: हिमांशु सोनी Updated Sun, 28 Sep 2025 04:51 PM IST
सार

CID Probe in Zubeen Garg Case: गायक जुबीन गर्ग की मौत के बाद सीआईडी की जांच तेज हो गई है। छापेमारी के बाद इवेंट मैनेजर को लेकर नई जानकारी सामने आई है।

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जुबीन गर्ग और श्यामकानु महंता - फोटो : एक्स

विस्तार

गुवाहाटी से आई नई खबरों ने असम के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों को हिला दिया है। मशहूर गायक जुबिन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में पहले से ही सवालों के घेरे में रहे इवेंट मैनेजर श्यामकानु महंता पर अब संगठित वित्तीय अपराध, फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। सीआईडी ने छापेमारी कर उनके घर और दफ्तर से ऐसे दस्तावेज बरामद किए हैं जो एक बड़े वित्तीय घोटाले की तरफ इशारा करते हैं।
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कौन हैं श्यामकानु महंता?
श्यामकानु महंता कोई साधारण नाम नहीं हैं। वह पूर्व डीजीपी और वर्तमान सूचना आयुक्त भास्कर ज्योति महंता के छोटे भाई हैं। परिवार में उनका सीधा संबंध असम की प्रशासनिक और शैक्षिक दुनिया से रहा है। एक भाई पहले मुख्यमंत्री के शिक्षा सलाहकार रह चुके हैं और अब गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। ऐसे में उनके खिलाफ लगे आरोपों ने पूरे राज्य को चौंका दिया है।
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छापेमारी में क्या मिला?
सीआईडी की छानबीन में महंता के घर से कई पैन कार्ड, लगभग 30 कंपनियों और सरकारी अधिकारियों की नकली मुहरें, बेनामी संपत्तियों से जुड़े कागज़ात और पीएमजीएसवाई योजना के तहत सड़क निर्माण से संबंधित दस्तावेज़ मिले। जांच अधिकारियों का कहना है कि इतने सारे पैन कार्ड और मुहरों की मौजूदगी यह साबित करती है कि बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और जालसाजी की गई है।

नया केस और कानूनी धाराएं
सीआईडी ने महंता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत नया मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोरमी दास को नियुक्त किया गया है। अब महंता पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे सरकारी फंड का ग़लत इस्तेमाल किया और मनी लॉन्ड्रिंग के ज़रिए भारी-भरकम संपत्ति खड़ी की।


जुबिन गर्ग केस से जुड़ा धागा
19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय असम के लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की असामयिक मौत हो गई थी। वह उत्तर-पूर्व इंडिया फेस्टिवल में प्रस्तुति देने गए थे, जिसका आयोजन महंता की कंपनी ने किया था। इस घटना के बाद राज्यभर में 60 से अधिक एफआईआर दर्ज हुईं और महंता मुख्य आरोपी बने। अब वित्तीय अपराधों के नए मामले ने उनके खिलाफ पहले से चल रही जांच को और जटिल बना दिया है।

सरकार और सीआईडी की सक्रियता
असम पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह ने पहले ही गर्ग की मौत की जांच के लिए 9 सदस्यीय एसआईटी बनाई थी। अब नए मामले में संपत्तियों की जब्ती, बैंक खातों की जांच और संदिग्ध लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल एक राज्य का मामला नहीं बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ संगठित अपराध हो सकता है।
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