फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   National award winner and Marathi filmmaker Sumitra Bhave passed away at the age of 78

नेशनल अवार्ड विनर सात फिल्मों की निर्देशक सुमित्रा भावे का पुणे में निधन, मराठी सिनेमा को दी नई दिशा

Mon, 19 Apr 2021 02:27 PM IST
विजयाश्री गौर अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: विजयाश्री गौर Updated Mon, 19 Apr 2021 02:27 PM IST
विज्ञापन
National award winner and Marathi filmmaker Sumitra Bhave passed away at the age of 78
सुमित्रा भावे - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी सात फिल्मों के निर्देशन व लेखन का हिस्सा रहीं मराठी सिनेमा की चर्चित फिल्मकार व निर्देशक सुमित्रा भावे का सोमवार को पुणे में फेफड़ों की लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 78 वर्ष की थीं। 12 जनवरी 1943 को पुणे में ही जन्मी सुमिता ने फरगुसन कॉलेज से स्नातक करने के बाद राजनीति शास्त्र व समाज शास्त्र में एम ए किया। शुरु में अध्यापन का अपना करियर बनाने वाली सुमित्रा भावे ने आकाशवाणी में मराठी में समाचार वाचन का भी काम किया। झोपड़पट्टी में रहने वाली एक महिला के जीवन संघर्ष पर सुमित्रा ने अपनी पहली शार्ट फिल्म ‘बाई’ (औरत) बनाई। इस फिल्म को परिवार कल्याण पर बनी सर्वश्रेष्ठ गैर फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। दो साल बाद ही 1987 में उनकी एक और फिल्म ‘पानी’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। 1995 से उन्होंने सुनील सुक्तांकर के साथ मिलकर फिल्में बनाना शुरू किया और दोनों की पहली ही फिल्म ‘दोघी’ को भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

विज्ञापन


सुक्तांकर और सुमित्रा ने मिलकर 17 फीचर फिल्में, 50 से ऊपर शॉर्ट फिल्में और चार टीवी धारावाहिक बनाए हैं। इन सबमें लेखन का काम सुमित्रा भावे ने ही किया। दोनों ने मिलकर फिल्म ‘कासव’ (कछुआ) के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार तीन साल पहले ही जीता था। सुनील सुक्तांकर ने बताया कि सुमित्रा भावे की हालत पिछले 10 दिनों से नाजुक थी और पुणे के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।

विज्ञापन

National award winner and Marathi filmmaker Sumitra Bhave passed away at the age of 78
कासव फिल्म का पोस्टर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

सुमित्रा भावे को मराठी सिनेमा की एक दमदार व मजबूत शख्सीयत माना गया। उनकी फिल्मों ‘कासव’, ‘संहिता’, ‘अस्तु’, ‘वेलकम होम’, ‘वास्तुपुरुष’, ‘दहावी फा’ और ‘देवराई’ को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खूब सराहना मिली है। निर्देशक चैतन्य तम्हाणे की फिल्म ‘द डिसाइपल’ में उन्होंने सूत्रधार की भूमिका की है। ये आखिरी फिल्म है जिसमें उनकी आवाज सुनाई दी।

मराठी सिनेमा ने सुमित्रा भावे के निधन पर गहरा शोक जताया है। अभिनेत्री नीना कुलकर्णी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वह हमेशा सादा जीवन, उच्च विचार में विश्वास करने वाली फिल्मकार रही हैं। उनकी मेधा और प्रतिभा का दूसरा फिल्मकार कभी कभी ही सामने आता है। अभिनेत्री नयना मुके ने सुमित्रा भावे को याद करते हुए कहा कि मराठी सिनेमा को उन्होंने एक नया आयाम और विस्तार दिया। उनकी फिल्मों में जिस तरह सामाजिक कुरीतियों पर चोट की गई वह प्रेरणादायक है। नयना ने ये भी कहा कि मराठी सिनेमा में महिला सशक्तीकरण को सिनेमा का विषय बनाने में सुमित्रा भावे का योगदान हमेशा याद किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed