रहमान के विवादित बयान पर इस्माइल दरबार का तंज, एक महीने बाद तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘दिलीप कुमार नहीं होते…’
AR Rahman Controversial Statement Row: जनवरी में संगीतकार रहमान ने बॉलीवुड पर सांप्रदायिक रूप से प्रभावित होने का आरोप लगाया था। इस टिप्पणी के बाद इंडस्ट्री के अधिकतर लोगों ने रहमान की आलोचना की। आलोचना करने वालों में अब कंपोजर इस्माइल दरबार भी शामिल हो गए।
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संगीतकार ए आर रहमान अपने एक बयान के कारण पिछले महीने विवादों में घिर गए थे। उन्होंने बॉलीवुड पर सांप्रदायिकता से प्रभावित होने की बात कही। इसके बाद बॉलीवुड के कई लोगों ने उनकी बात का विरोध किया, वहीं कुछ लोग सपोर्ट में भी दिखे। हाल ही में कंपोजर इस्माइल दरबार ने भी रहमान के विवादित बयान को लेकर अपनी राय सामने रखी है। जानिए, रहमान की विवादित टिप्पणी पर क्या बोले कंपोजर इस्माइल दरबार।
रहमान की बात को पूरी तरह से नकारा दिया
हाल ही में कंपोजर इस्माइल दरबार ने सुशोजित घोष के यूट्यब चैनल पर एक इंटरव्यू दिया। इसमें उन्होंने रहमान की विवादित टिप्पणी पर आपत्ति जाहिर की। वह कहते हैं, ‘अगर इंडस्ट्री तब सांप्रदायिक होती तो इस देश में कोई भी मुसलमान स्टार नहीं बनता। इस्माइल दरबार, नौशाद या दिलीप कुमार नहीं होते। अगर ऐसा होता तो वो (रहमान) स्टार नहीं बनते।’ इस तरह कंपोजर इस्माइल दरबार ने रहमान पर करारा तंज कसा है।
सिंगर अमाल मलिक ने रहमान का बचान किया था
एक तरफ कई लोग रहमान की आलोचना कर रहे थे। वहीं सिंगर अमाल मलिक उनके बचाव में नजर आए। पिछले दिनों फरीदून शहरयार के यूट्यूब चैनल पर अमाल मलिक ने रहमान की विवादित टिप्पणी पर बात की। वह कहते हैं, ‘इंडस्ट्री के नजरिए से उन्होंने (रहमान) जो कहा है वह काफी हद तक सही है। हालांकि मैं सांप्रदायिक पहलू से सहमत नहीं हूं। नेपोटिज्म और ग्रुपिज्म को भी भूल जाइए। आज सिर्फ हर म्यूजिक लेबल अपने ही आर्टिस्ट के साथ काम करने में कंफर्टेबल होता है। इंडस्ट्री उन आर्टिस्ट को प्रमोट करती है जो वे रेवेन्यू लाते हैं। अब प्रोडक्शन हाउस, म्यूजिक लेबल ही असल डिसीजन मेकर हैं।’
क्या थी रहमान की विवादित टिप्पणी?
संगीतकार रहमान ने लगभग एक महीने पहले बीबीसी एशियन को दिए इस इंटरव्यू में कम काम करने का कारण बताते हुए कहा था, ‘बीते आठ साल से मैं यह महसूस कर रहा हूं कि इंडस्ट्री में टैलेंट के दम पर काम नहीं मिलता। म्यूजिक इंडस्ट्री की कमान ऐसे हाथों में है जो न तो क्रिएटिव हैं और ना ही क्रिएटिविटी को समझते हैं। धर्म भी कम काम करने का एक कारण है। आपके सामने तो लोग कुछ नहीं बोलते पर पीठ पीछे कानाफूसी करते हैं।' रहमान का मानना है कि धीरे-धीरे वो सांप्रदायिक भावना को फिल्मी और संगीत की दुनिया पर हावी होता हुआ महसूस कर रहे हैं। इसका असर उन्हें अपने काम पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।