Kolkata: हिरासत में लिए गए फिल्म निर्माता कमलेश्वर मुखोपाध्याय, माकपा के बुक स्टॉल पर हमले का विरोध पड़ा भारी
राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने माकपा के बुक स्टॉल पर हमला किया था और उसे बंद कर दिया था।
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दक्षिण कोलकाता में सोमवार (3 अक्तूबर) को फिल्म निर्माता कमलेश्वर मुखोपाध्याय को हिरासत में ले लिया गया। उनके साथी माकपा के कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने पकड़ लिया। राज्यसभा सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य ने बताया कि ये सभी लोग माकपा के बुक स्टॉल पर एक दिन पहले हुए हमले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। मुखोपाध्याय और उनके साथियों को लाल बाजार स्थित कोलकाता पुलिस के मुख्यालय ले जाया गया। हालांकि, देर शाम सभी को छोड़ दिया गया। इस मामले में पुलिस ने किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की।
राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने माकपा के बुक स्टॉल पर हमला किया था और उसे बंद कर दिया था। इसके विरोध में हम सभी लोग रासबिहारी क्रॉसिंग पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने सभी लोगों को हिरासत में ले लिया। वहीं, पुलिस की हिरासत से छूटने के बाद मुखोपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने हमें हिरासत में लेने की वजह दुर्गा पूजा में पड़ने वाले व्यवधान को बताया। पुलिस ने कहा था कि व्यस्त चौराहे पर विरोध नहीं करने दिया जा सकता।
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उधर, कई फिल्म निर्माताओं और कलाकारों ने मुखोपाध्याय को हिरासत में लेने पर नाराजगी जाहिर की। फिल्म निर्माता श्रीजीत मुखर्जी ने कहा, 'किताबों से डर? किताबों से? डॉ. कमलेश्वर मुखर्जी को हिरासत में लेने की घटना की निंदा के लिए मेरे पास पर्याप्त शब्द नहीं हैं। कमल दा मैं हमेशा आपके साथ हूं। वहीं, अभिनेत्री रिद्धि सेन ने कहा, 'क्या सरकार का दिमाग खराब हो गया है? कमलेश्वर मुखर्जी को हिरासत में लेने की घटना बेहद शर्मनाक है। वह भी सिर्फ एक बुक स्टॉल के लिए। मैं इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करती हूं। कमलेश्वर मुखर्जी हम आपके साथ हैं। हमें इस मामले में सरकार से जवाब चाहिए।'
Filmmaker Kamaleshwar Mukhopadhyay