Nisha Pahuja: कौन हैं निशा पाहुजा? इस बार ऑस्कर की रेस में शामिल है इनकी भारतीय डॉक्यूमेंट्री 'टू किल अ टाइगर'
निशा पाहुजा की डॉक्युमेंट्री 'टू किल ए टाइगर' की कहानी काफी संवेदनशील है। यह झारखंड के एक परिवार की कहानी है, जिसमें एक 13 वर्षीय बच्ची का पिता रंजीत अपनी बेटी के न्याय की लड़ाई लड़ता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मनोरंजन जगत के सबसे प्रतिष्ठित एकेडमी अवॉर्ड्स पर सबकी नजर रहती है। एकेडमी अवॉर्ड्स को ऑस्कर के नाम से भी जाना जाता है। इस साल 96वां एकेडमी अवॉर्ड का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें सिर्फ चंद दिन बचे हैं। मालूम हो कि ऑस्कर अवॉर्ड्स 10 मार्च को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में होने जा रहे हैं। बीते वर्ष का यह अवॉर्ड समारोह भारत के लिए बेहद खास रहा। दो ऑस्कर देश में आए। इस बार भारतीय फिल्म तो रेस में नहीं है, लेकिन भारत पर आधारित डॉक्यूमेंट्री 'टू किल अ टाइगर' ऑस्कर की रेस में शामिल है। इसका निर्देशन भारतीय मूल की निशा पाहुजा ने किया है। आइए जानते हैं इनके बारे में...
दिल्ली में हुआ निशा का जन्म
निशा पाहुजा भारतीय मूल की एक कनाडाई फिल्म निर्माता हैं। फिलहाल वह कनाडा के टोरंटों में रहती हैं। निशा का जन्म दिल्ली में हुआ था, लेकिन छोटी सी उम्र में वह अपने माता-पिता के साथ टोरंटो चली गईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अपने फिल्मी करियर की शुरुआत निशा ने कनाडाई फिल्ममेकर्स जॉन वॉकर और अली काजिमी के साथ एक रिसर्चर के तौर पर की है। टू किल ए टाइगर से पहले बतौर निर्देशक निशा पहुजा 'द वर्ल्ड बीफॉर हर, बॉलीवुड बाउंड और डायमंड रोड' जैसी पॉपुलर डॉक्युमेंट्री के जरिए तारीफ हासिल कर चुकी हैं।
Shaitaan Twitter Review: 'शैतान' के वश में आए दर्शक, सोशल मीडिया पर जमकर हो रही अजय-माधवन की फिल्म की तारीफ
संवेदनशील है डॉक्यूमेंट्री की कहानी
निशा पाहुजा की डॉक्युमेंट्री 'टू किल ए टाइगर' की कहानी काफी संवेदनशील है। यह झारखंड के एक परिवार की कहानी है, जिसमें एक 13 वर्षीय बच्ची का पिता रंजीत अपनी बेटी के न्याय की लड़ाई लड़ता है। फिल्म में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना को दिखाया है। इस घटना के बाद वह लड़की और उसका परिवार संघर्ष से गुजरता है। एक छोटे से गांव की 13 वर्षीय के साथ हुए इस शर्मनाक हरकत में तीन लोग आरोपी होते हैं, जिन्हें सलाखों के पीछे भिजवाने के लिए एक शख्स पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आता है।
Sreejita De: 'निर्देशक ने मेरा कंधा पकड़ा और फिर...', श्रीजिता डे ने साझा किया कास्टिंग काउच का दर्दनाक अनुभव
इन डॉक्यूमेंट्री से होगा मुकाबला
डॉक्यूमेंट्री 'टू किल अ टाइगर' को निशा ने वर्ष 2022 में बनाया था। इसके बाद 2023 में इसे अमेरिका में रिलीज किया गया। ऑक्सर में नामांकित होने से पहले इस डॉक्यूमेंट्री ने दुनियाभर के अलग-अलग फिल्म महोत्सवों में 19 अवॉर्ड अपने नाम किए हैं। इनमें TIFF, पाल्म स्प्रिंग इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, डॉक अवीव और कनैडियन फिल्म फेस्टिवल शामिल हैं। ऑस्कर में निशा पाहुजा की डॉक्यूमेंट्री का मुकाबला ‘बॉबी वाइनः द पीपल्स प्रेजिडेंट’, ‘द एटेरनल मेमोरी’, ‘फॉर डॉटर्स’ और ‘20 डेज इन मारियोपोल’ से होने जा रहा है। भारत में ऑस्कर अवॉर्ड को 11 मार्च 2024 को सुबह चार बजे ओटीटी प्लेटफार्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर देखा जा सकता है, जहां इन अवॉर्ड्स का सीधा प्रसारण होगा।
Shaitaan Movie Review: डर फिल्म के विषय से नहीं विकास बहल से ज्यादा था, और जिसका डर था बेदर्दी वही बात हो गई