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जामिया और आईआईटी वैज्ञानिकों का दावा : थर्मोकोल का प्रयोग इमारत को भूकंप से बचाएगा
Sat, 04 Sep 2021 06:45 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 06:45 AM IST
सार
- वैज्ञानिकों का मानना है कि थर्मोकोल थर्मल इंसुलेशन के साथ भूकंप प्रतिरोधी भवनों के निर्माण के लिए भविष्य की सामग्री हो सकती है।
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भूकंप
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
जामिया मिल्लिया इस्लामिया और आईआईटी, रुड़की के वैज्ञानिकों का दावा है कि इमारत के निर्माण में थर्मोकोल का प्रयोग किया जाता है तो यह भूकंप से बचाने में सहायक होगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि थर्मोकोल थर्मल इंसुलेशन के साथ भूकंप प्रतिरोधी भवनों के निर्माण के लिए भविष्य की सामग्री हो सकती है। इसके प्रयोग से इमारत हल्की बनेगी और भूकंप से बचाव होगा। इससे निर्माण के खर्चों में भी कमी आएगी।
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विशेषज्ञों ने आईआईटी रुड़की के नेशनल सेस्मिक टेस्ट फैसिलिटी (एनएसटीएफ) में कंक्रीट की दो परतों के बीच थर्मोकोल सैंडविच के साथ निर्मित एक इमारत और दीवारों पर इसका विश्लेषण किया है। इसमें रेनफोर्स्ड कंक्रीट सैंडविच के मूल से मिश्रित सामग्री में थर्मोकोल या विस्तारित पॉलीस्टाइनिन (ईपीएस) का उपयोग किया है।
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जामिया के फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर एंड एकिस्टिक्स के एसोसिएट प्रोफेसर व रिसर्च स्कॉलर आदिल अहमद ने बताया कि उन्होंने लेटरनल फोर्सेस के तहत निर्माण के व्यवहार का मूल्यांकन किया। क्योंकि भूकंप मुख्य रूप से लेटरल डायरेक्शन में बल का कारण बनते हैं। यह जांच चार मंजिला इमारत के विस्तृत कंप्यूटर सिमुलेशन के साथ पूरक हुई।
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सिस्मिक जोन-5 में काम करेगा:
विश्लेषण से पता चलता है कि इस तकनीक से निर्मित चार मंजिला इमारत बिना किसी अतिरिक्त संरचनात्मक सहायता के देश के सबसे भूकंपीय क्षेत्र, सिस्मिक जोन-5में भी, भूकंप बलों का विरोध करने में सक्षम है। शोधकर्ताओं ने कहा कि भूकंप के दौरान एक इमारत पर लगाया जाने वाला बल जड़त्व प्रभाव के कारण उत्पन्न होता है और इसलिए यह इमारत के द्रव्यमान पर निर्भर करता है। थर्मोकोल इमारत के द्रव्यमान को कम करके भूकंप का प्रतिरोध करता है।
-प्रो. योगेंद्र सिंह, आईआईटी रुड़की के भूकंप इंजीनियरिंग विभाग प्रो. व पूर्व में जामिया के संकाय सदस्य ।
कारखाने में ईपीएस कोर और वायर मेश री इंफोर्समेंट का उत्पादन किया:
इमारत के ढांचे को पहले कारखाने से बने कोर और सुदृढ़ीकरण पैनलों से खड़ा किया जाता है और फिर ढांचे के कोर पर कंक्रीट को फैलाया जाता है। इस तकनीक में किसी शटरिंग की आवश्यकता नहीं होती है और इसलिए इसे बहुत तेजी से बनाया जा सकता है। भूकंप प्रतिरोध के अलावा, एक इमारत की कंक्रीट की दीवारों में विस्तारित पॉलीस्टाइनिन कोर के उपयोग से थर्मल कंफर्ट हो सकता है।
यह कोर आंतरिक और बाहरी वातावरण के निर्माण के बीच गर्मी हस्तांतरण के विरुद्ध आवश्यक इन्सुलेशन प्रदान करता है। यह इमारत के अंदरूनी हिस्सों को गर्म वातावरण में ठंडा रखने और ठंड की स्थिति में गर्म रखने में मदद कर सकता है। यह देश के किसी भी भाग और तापमान और मौसम के अनुरूप है।