नेहरू प्लेस 'नो-हॉकिंग जोन' घोषित: दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सिर्फ 90 विक्रेताओं को अस्थायी इजाजत
दिल्ली हाईकोर्ट ने नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर क्षेत्र को नो-हॉकिंग और नो-वेंडिंग जोन घोषित कर दिया है। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम. सिंह और न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की खंडपीठ ने 90 चिह्नित विक्रेताओं को अस्थायी रूप से एक निर्धारित स्थल पर वेंडिंग की अनुमति दी।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर क्षेत्र को नो-हॉकिंग जोन और नो-वेंडिंग जोन घोषित कर दिया है। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम. सिंह और न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए 90 चिन्हित विक्रेताओं को अस्थायी रूप से एक निर्धारित स्थल पर वेंडिंग की अनुमति दी है। यह अनुमति टाउन वेंडिंग कमिटी-II के फैसले तक सीमित रहेगी।
कोर्ट ने कहा कि नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर में बार-बार दिए गए न्यायिक आदेशों के मद्देनजर यह क्षेत्र नो-हॉकिंग और नो-वेंडिंग जोन है। इसलिए चिन्हित विक्रेताओं को छोड़कर अन्य विक्रेताओं को यहां वेंडिंग का कोई वैध अधिकार नहीं है। खंडपीठ ने कहा, यदि स्ट्रीट वेंडर्स नो-वेंडिंग जोन में वेंडिंग कर रहे हैं, तो एमसीडी या संबंधित प्राधिकरण का कर्तव्य है कि उन्हें नो-वेंडिंग जोन से वेंडिंग जोन में स्थानांतरित करने में सहायता करे, ताकि उन्हें आजीविका कमाने का व्यावहारिक विकल्प मिल सके।
यह मामला नेहरू प्लेस में हॉकिंग और वेंडिंग से जुड़े कई याचिकाओं और एक अवमानना याचिका से जुड़ा है। 2009 में मनुषी संगठन बनाम डीडीए मामले में 67 विक्रेताओं को नेहरू प्लेस के एक निर्धारित क्षेत्र में वेंडिंग की अनुमति दी गई थी। बाद में हाईकोर्ट ने पूरे डिस्ट्रिक्ट सेंटर को नो-हॉकिंग और नो-वेंडिंग जोन घोषित कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने भी इस स्थिति में कोई हस्तक्षेप नहीं किया। कोर्ट ने पाया कि वर्तमान में नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर में 400 से अधिक विक्रेता वेंडिंग कर रहे हैं, जिनमें से अधिकांश स्पष्ट रूप से अनधिकृत हैं। कोर्ट ने 90 ऐसे विक्रेताओं की पहचान की जो पहले के आदेशों के तहत संरक्षित थे या वर्तमान कार्यवाही के पक्षकार हैं।
इन 90 विक्रेताओं को 12 अक्टूबर तक निर्धारित स्थल पर स्थानांतरित होने का निर्देश दिया गया है। टीवीसी-II यह तय करेगी कि क्या ये विक्रेता वेंडिंग सर्टिफिकेट के हकदार हैं और यदि हां, तो किस क्षेत्र में। यह निर्णय टीवीसी-II के गठन के दो महीने के भीतर लिया जाना है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया, नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर क्षेत्र में चिन्हित स्थल एक्स को छोड़कर पूरा क्षेत्र नो-हॉकिंग जोन और नो-वेंडिंग जोन घोषित किया जाता है। 12 अक्टूबर के बाद एमसीडी को सभी अनधिकृत विक्रेताओं को हटाने की अनुमति दी गई है। हटाने के बाद दिल्ली फायर सर्विसेज को डिस्ट्रिक्ट सेंटर का निरीक्षण कर अनुपालन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली पुलिस को भी एमसीडी और डीडीए के साथ सहयोग करने का आदेश दिया गया है।