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दीपावली-छठ पर घर जाना आसान नहीं: त्योहारों से पहले ही ट्रेनों में नो रूम, पटना का हवाई टिकट दुबई से भी ज्यादा

Tue, 06 Oct 2026 06:28 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 06 Oct 2026 06:28 PM IST
सार

त्योहारों पर घर लौटने वाले लोगों के लिए इस बार भी सफर आसान नहीं होने वाला है। ज्यादातर नियमित ट्रेनें अभी से भर चुकी हैं। वहीं रेल टिकट की कमी का असर हवाई किराए पर भी दिख रहा है। छठ से पहले 10 नवंबर को दिल्ली से पटना की उड़ान का शुरुआती किराया 20 हजार रुपये तक पहुंच गया है।

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No seats left on trains even before Diwali and Chhath and Patna airfare higher than fare to Dubai
भारतीय रेलवे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दीपावली और छठ पर घर लौटने की तैयारी कर रहे दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों के लिए इस बार भी सफर आसान नहीं होगा। त्योहार में अभी करीब एक महीना बाकी है, लेकिन बिहार, झारखंड और पूर्वांचल जाने वाली ज्यादातर नियमित ट्रेनें अभी से भर चुकी हैं। कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है, जबकि कई में अलग-अलग श्रेणियों में टिकट मिलना बंद हो गया है। रेल टिकट की किल्लत का असर अब हवाई किराये पर भी पड़ रहा है। छठ से पहले 10 नवंबर को दिल्ली से पटना की उड़ान का शुरुआती किराया 20 हजार रुपये तक पहुंच गया है। यह इसी अवधि में दिल्ली से दुबई के शुरुआती किराये से भी अधिक है।
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संपूर्ण क्रांति समेत कई ट्रेनों में नो रूम
दिल्ली से बिहार जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा दबाव दिखाई दे रहा है। संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में एक से चार नवंबर तक इकोनॉमी श्रेणी में नो रूम है। वहीं स्लीपर और तृतीय वातानुकूलित श्रेणी में एक से आठ नवंबर तक वेटिंग चल रही है। तेजस राजधानी एक्सप्रेस की तृतीय वातानुकूलित श्रेणी में भी एक से चार नवंबर के बीच लंबी वेटिंग है। कई श्रेणियों में स्थिति रिग्रेट तक पहुंच चुकी है। ऐसे में दीपावली-छठ पर घर जाने की योजना बना रहे यात्रियों के सामने नियमित ट्रेनों में टिकट पाने के विकल्प तेजी से सीमित होते जा रहे हैं।
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बिहार संपर्क क्रांति से स्वतंत्रता सेनानी तक सीटों का संकट
दिल्ली-दरभंगा रूट की बिहार संपर्क क्रांति और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में नवंबर तक सीटों का संकट बना हुआ है। दरभंगा जाने वाली सरयू-यमुना एक्सप्रेस में चार नवंबर तक 104 की वेटिंग है। वहीं हावड़ा-रक्सौल एक्सप्रेस में छह अक्तूबर तक 150 से अधिक की वेटिंग दर्ज की गई। गोरखपुर जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति में भी नवंबर की यात्रा के लिए कई श्रेणियों में सीटें उपलब्ध नहीं हैं। दबाव केवल पटना या दरभंगा तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार और पूर्वांचल के प्रमुख रेल मार्गों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ चुकी है।

रांची की ट्रेनों में भी टिकट का संकट
झारखंड जाने वाली ट्रेनों में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है। छह नवंबर को नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस की तृतीय वातानुकूलित श्रेणी में वेटिंग है। झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस की कई श्रेणियों में रिग्रेट की स्थिति है। ऐसे में जिन यात्रियों ने अब तक टिकट नहीं कराया है, उनके लिए नियमित ट्रेनों में जगह मिलना मुश्किल होता जा रहा है।

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ट्रेन फुल तो विमान किराया आसमान पर
रेल टिकट नहीं मिलने का असर हवाई किराये पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अगस्त में दिल्ली-पटना के बीच एकतरफा हवाई टिकट करीब 5,000 से 6,300 रुपये में उपलब्ध था। त्योहार की तारीखें नजदीक आते ही किराया कई गुना बढ़ गया है। सात नवंबर को दिल्ली से पटना की उड़ानों का शुरुआती किराया करीब 19 से 20 हजार रुपये तक पहुंच गया है। वहीं छठ से पहले 10 नवंबर की यात्रा के लिए किराया और अधिक है। खास बात यह है कि इसी अवधि में दिल्ली से दुबई का शुरुआती हवाई किराया करीब 15 हजार रुपये के आसपास है। यानी इस समय पटना पहुंचना दुबई जाने से भी महंगा पड़ रहा है। अगस्त के 5-6 हजार रुपये के स्तर से तुलना करें तो नवंबर में दिल्ली-पटना हवाई किराया करीब तीन गुना तक बढ़ गया है।

स्पेशल ट्रेनों से राहत की उम्मीद
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों का सहारा लिया है। अक्टूबर-नवंबर में नई दिल्ली-सुपौल, आनंद विहार-भागलपुर, नई दिल्ली-हावड़ा और अमृतसर-बरौनी समेत कई विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। लंबी वेटिंग को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने 18 और विशेष ट्रेनों को मंजूरी दी है। दिल्ली-पटना के बीच तेजस राजधानी और संपूर्ण क्रांति की क्लोन ट्रेनें चलाने का भी फैसला किया गया है। इन विशेष ट्रेनों से त्योहार के दौरान यात्रियों को कुछ अतिरिक्त विकल्प जरूर मिलेंगे, लेकिन नियमित ट्रेनों में पहले से बने भारी दबाव और हवाई किराये में तेज बढ़ोतरी को देखते हुए इस बार भी दिल्ली-एनसीआर से घर लौटने वालों के लिए सफर चुनौतीपूर्ण रहने की आशंका है।

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