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दिल्लीः 5000 से ज्यादा बदमाशों को पकड़ने वाले ‘सुपरकॉप’ रिटायर
Sun, 01 Nov 2020 04:45 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 04:45 AM IST
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एसीपी राजेंद्र सिंह..
- फोटो : अमर उजाला
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अपने कार्यकाल में 5000 से ज्यादा बदमाशों को पकड़ने वाले दिल्ली पुलिस के सुपरकॉप एसीपी राजेंद्र सिंह रिटायर हो गए। शनिवार को उन्होंने आखिरी दिन अपनी सेवाएं दीं। हालांकि शुक्रवार और शनिवार को छुट्टी होने के कारण विभाग ने बृहस्पतिवार को ही रिटायरमेंट की सारी औपचारिकताएं पूरी कर उनको फेयरवेल पार्टी दी थी। अपने 34 साल के कार्यकाल में राजेंद्र सिंह ने 300 से अधिक गिरोह का पर्दाफाश किया।
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वर्ष 1994 में त्यागी गैंग के दो बदमाश राकेश मल्होत्रा और बृजमोहन को मुठभेड़ में ढेर करने पर उन्हें बारी से पहले तरक्की देकर इंस्पेक्टर बना दिया गया। इसके बाद राजेंद्र सिंह ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म समेत दिल्ली में हुए बड़े अपराध में शायद ही कोई ऐसा मामला रहा होगा, जिसमें उनकी सेवाएं नहीं ली गई हो।
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राजेंद्र सिंह ने कई बड़े बदमाशों को सही रास्ते पर लाकर उनके पुनर्वास का प्रयास भी किया। इसमें सुपर चोर बंटी भी शामिल है। पॉश इलाकों में चोरी करने वाले बंटी चोर को पकड़कर एसीपी राजेंद्र सिंह ने सलाखों के पीछे पहुंचाया था। 2010 में जब वह अपनी सजा काटकर जेल से बाहर आया तो राजेंद्र सिंह ने उसकी होशियारी को सही रास्ता देने का प्रयास किया।
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बंटी को एक जासूसी कंपनी में नौकरी दिलाने के अलावा उसके रहने के लिए मकान भी दिलवाया, लेकिन छह माह तक सही रास्ते पर चलने के बाद बंटी दोबारा से चोरियां करने लगा। इसी तरह 2010 में ही लोदी कालोनी थाने का एसएचओ रहते समय राजेंद्र सिंह ने एक महिला को अगवा कर लूटपाट करने के आरोप में गुजरात के एक 18 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया। युवक जेल चला गया।
बाद में राजेंद्र सिंह को पता चला कि युवक बेहद गरीब और शरीफ परिवार से है। राजेंद्र सिंह ने खुद उस युवक की जमानत कराकर उसको पढ़ाने लिखाने का जिम्मा लिया। पढ़ाई के बाद उसकी नौकरी लगवाने में भी मदद की। आज युवक एक लाख रुपये से अधिक कमा रहा है और राजेंद्र सिंह को अपना पिता के समान मानता है।
86 में सब इंस्पेक्टर के तौर पर हुए थे भर्ती, मिले कई पदक
27 मार्च 1986 को दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर के तौर पर भर्ती हुए राजेंद्र सिंह पिछले करीब तीन साल से वह एसीपी द्वारका पद पर तैनात थे। डीयू से ग्रेजुएशन और एलएलबी करने वाले राजेंद्र सिंह अपनी नौकरी के दौरान कई पदक हासिल किए। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म, धौलाकु आं सामूहिक दुष्कर्म, सुपर चोर बंटी को पकड़ने, सौम्या विश्वनाथन हत्या की गुत्थी सुलझाने, जिगिशा हत्याकांड, पुष्किन हत्याकांड जैसे चर्चित मामलों को सुलझाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसीपी राजेंद्र के बेहतरीन काम की वजह से अलग-अलग समय में उनकी टीम के 30 से अधिक कर्मियों को बारी से पहले तरक्की भी मिली।