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कोरोना के संदिग्ध मरीजों ने महिला डॉक्टरों से किया अभद्र व्यवहार
Thu, 16 Apr 2020 05:24 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Apr 2020 05:24 AM IST
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लोकनायक अस्पताल
- फोटो : social media
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लोकनायक अस्पताल में भर्ती कोरोना के संदिग्ध मरीजों ने महिला डॉक्टरों का घेराव कर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। बचाव के लिए महिला डॉक्टरों ने सीएमओ, सुरक्षागार्ड, पुलिस, बाउंसर और वार्ड इंचार्ज डॉक्टर आदि को फोन कर डाले, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद अलार्म भी बजा दिया, लेकिन किसी ने सुना ही नहीं।
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पीपीई सूट मिलने के बाद बाउंसरों ने वार्ड में जाकर मरीजों को शांत कराया। पुलिस ने मरीजों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस घटना पर तमाम सरकारी रेजीडेंट डॉक्टरों ने विरोध जताया है। सफदरजंग, एम्स सहित फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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मंगलवार शाम को लोकनायक अस्पताल के सर्जिकल ब्लॉक स्थित पांचवीं मंजिल पर कोरोना वार्ड में भर्ती संदिग्ध मरीजों ने काफी हंगामा किया। उस वक्त 3 महिला डॉक्टर ड्यूटी पर थीं और उन्होंने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। शाम साढ़े पांच बजे महिला डॉक्टरों ने वार्ड इंचार्ज डॉक्टरों को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। व्हॉट्सएप पर मैसेज किया, तो भी तत्काल सुरक्षा इंतजाम करना जरूरी नहीं समझा।
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उधर, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि लोकनायक अस्पताल में महिला डॉक्टरों के साथ अभद्रता की गई है। ऐसे मरीजों का इलाज भी होगा और पुलिस कार्रवाई भी होगी।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष डॉ. पर्व मित्तल ने बताया कि जब महिला डॉक्टर ड्यूटी पर थीं, जो इन मरीजों ने गाली-गलौच और भद्दी टिप्पणियां करना शुरू कर दिया। महिला डॉक्टरों ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो बड़ी संख्या में मरीज वहां इकट्ठा हो गए और महिला डॉक्टरों को धमकाने लगे।
बचने के लिए उन्होंने खुद को ड्यूटी रूम में बंद कर लिया, लेकिन मरीजों की भीड़ ने दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की। इस पूरी घटना से डॉक्टरों की सुरक्षा की पोल खुल गई है। महिला रेजिडेंट डॉक्टर अस्पताल के सीएमओ सहित अन्य स्टाफ व सुरक्षा गार्ड्स को फोन करने लगीं, लेकिन कोई भी वहां नहीं आया।
डॉ. पर्व का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन से वार्ड इंचार्ज दोनों डॉक्टरों व सीएमओ की शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि इन मरीजों सहित अस्पताल के अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की जाए।