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राजनीति के रंग : दिल्ली सरकार के कामकाज से प्रभावित हैं पंजाब के सीएम, कहा- छात्र की तरह सीखनी चाहिए अच्छी चीजें

Wed, 27 Apr 2022 05:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 27 Apr 2022 05:23 AM IST
सार

दिल्ली सरकार के कार्यों से प्रभावित होकर बोले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, शिक्षा एवं स्वास्थ्य मॉडल को सराहा।

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Punjab CM impressed by Delhi government's work, said- good things should be learned like a student
नॉलेज शेयर एग्रीमेंट के बाद... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह दिल्ली सरकार के काम से प्रभावित हैं। नॉलेज शेयर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्होंने कहा कि अच्छी चीज जितनी भी मिले, सीख लेनी चाहिए। हमेशा छात्र रहना चाहिए, सीखने के लिए तैयार रहना चाहिए। हमने दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक, स्कूल और अस्पताल देखे। स्कूलों में अपनाई गई तकनीक और बच्चों का आत्मविश्वास देखा। इसको हम पंजाब में लागू करना चाहते हैं।

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पंजाब में 19 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूल हैं और 23 लाख के आसपास बच्चे पढ़ते हैं। दिल्ली में 18 लाख बच्चे हैं और 1000 से 1100 सरकारी स्कूल हैं। पंजाब में स्कूलों और ग्राम पंचायत की काफी जमीन है, जहां हम बहुत बड़े-बड़े खेल के मैदान बना सकते हैं। अभी पंजाब के स्कूल और अस्पतालों का बहुत बुरा हाल है। डॉक्टर भी हैं और शिक्षक भी हैं, लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है, जबकि दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल का जनरल वार्ड भी आईसीयू से बढ़िया बना रखा है। कोई भी वहां इलाज करा सकता है।
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पंजाब के हर विधानसभा क्षेत्र में बनेगा एक एक मोहल्ला क्लीनिक और मॉडल स्कूल
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह वापस जाने के साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम की शुरुआत करेंगे। पहले चरण में पंजाब की 117 विधानसभाओं में से हर एक में एक-एक मोहल्ला क्लीनिक व मॉडल स्कूलों को तैयार किया जाएगा।
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इन्हें विकसित करने के बाद अगला चरण शुरू होगा। उन्होंने कहा कि बहुत से एनआरआई पंजाब सरकार की मदद को तैयार हैं। अच्छे मकसद के लिए वह स्कूल, गांव गोद लेने के लिए कह रहे हैं। सरकार उन्हें यह अवसर मुहैया कराएगी।

अधिकारियों ने प्रजेंटेशन  से दी जानकारी
दिल्ली के एक होटल में समझौते से पहले दिल्ली सरकार के शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मान और उनकी टीम को प्रजेंटेशन से स्कूलों व अस्पतालों में हुए बदलावों की जानकारी दी। इस मौके पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और पंजाब के शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत व स्वास्थ मंत्री डॉ. विजय सिंगला के साथ आला अधिकारी मौजूद रहे।

कैलिफोर्निया व लंदन नहीं फिर से पंजाब बनाना है...
मान ने कहा कि कैंसर पर आयोडेक्स लगाकर आप उसका इलाज नहीं कर सकते। कैंसर के लिए तो कीमोथेरेपी ही चाहिए। पंजाब में शिक्षा और स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। दिल्ली में दिल्ली सरकार की भी यही प्राथमिकता है और हमने पंजाब में जो वादा किया है, उसमें भी शिक्षा और स्वास्थ्य प्रमुख है, इसलिए यह समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि मकसद पंजाब को कैलिफोर्निया व लंदन नहीं, फिर से पंजाब बनाना है।

एसवाईएल विवाद और प्रदूषण पर भी की बात
दोनों मुख्यमंत्रियों ने विवादित सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) और दिल्ली के वायु प्रदूषण पर भी बात की। केजरीवाल ने कहा कि एसवाईएल केंद्र सरकार के साथ पंजाब, हरियाणा व दिल्ली की सरकार के बीच का मसला है। इसमें कोर्ट भी एक पक्ष है। सभी पक्ष एक साथ बैठक इस मसले का हल करेंगे। वहीं, भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में फसलों के विविधीकरण पर जोर होगा। इससे भूजल की समस्या भी दूर होगी।

केजरीवाल ने विपक्ष को दिया जवाब
पंजाब की सरकार की चाभी दिल्ली के हाथों में चले जाने के विपक्ष के आरोपों पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने दिल्ली का दौरा किया था। इसमें यह नहीं कहा जा सकता है कि तमिलनाडु सरकार दिल्ली से चलाई जा रही है। केजरीवाल ने कहा कि इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर है। वहां भी भाजपा की सरकार है। दिल्ली की एमसीडी को इंदौर निगम से सीखना चाहिए था, लेकिन भाजपा शासित दिल्ली की एमसीडी ने नहीं किया। अगर आम आदमी पार्टी की सरकार एमसीडी में आती है तो वह इंदौर से सीखेगी।

दिल्ली का शिक्षा मॉडल

  • 1068 स्कूलों में करीब 18 लाख बच्चे।
  • यहां दो तरह के स्कूल चलते हैं, यूनिवर्सल और स्पेशलाइज्ड।
  • यूनिवर्सल स्कूल दिल्ली के सभी बच्चे के लिए खुले हैं, जबकि स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल कक्षा 9-12 के लिए है और यहां प्रवेश एक योग्यता परीक्षा के माध्यम से होता है।
  • दिल्ली सरकार कुल बजट का करीब 25 फीसदी हर साल शिक्षा पर खर्च करती है।
  • गुणवत्ता बुनियादी ढांचा, मजबूत स्कूल समुदाय, शिक्षकों की क्षमता का निर्माण, पाठ्यक्रम में सुधार शिक्षा मॉडल के स्तंभ हैं।
  • शिक्षकों की क्षमता मजबूत करने के लिए आईआईएम के साथ-साथ सिंगापुर, फिनलैंड और कैंब्रिज में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में दिल्ली के स्कूल के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के प्रशिक्षण को सुनिश्चित किया है।
  • पाठ्यक्रम में सुधार कर बच्चों में समग्र दृष्टिकोण का विकास।
  • आंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम से उद्यमिता का विकास।
  • देशभक्ति करिकुलम से देशभक्ति का विकास।
  • दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन का गठन।

दिल्ली का स्वास्थ्य मॉडल

  • करीब 2 करोड़ की आबादी वाली दिल्ली में 13,500 व्यक्ति/वर्ग किमी के जनसंख्या घनत्व है।
  • उच्च स्तरीय हेल्थकेयर प्रदान करने के लिए 12,603 बिस्तरों वाले 38 अस्पताल। इसमें से 34 एलोपैथी और 4 आयुष अस्पताल।
  • कुल 30 पॉली क्लीनिक और 414 औषधालय हैं।
  • 28,862 बिस्तरों के साथ 1,068 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम।
  • 519 मोहल्ला क्लीनिक और 20 स्कूल स्वास्थ्य क्लीनिक।
  • आम आदमी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा।
  • दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए फरिश्ते दिल्ली के योजना। सरकारी अस्पतालों में देरी होने पर फ्री सर्जरी।
  • दिल्ली में हेल्थकेयर के कैपिटल बजट में 5.5 गुना बढ़ोतरी।
  • पॉली क्लीनिक दे रहे हैं समग्र उपचार।
  • स्कूल हेल्थ क्लीनिक।
  • दिल्ली के लोगों को मिलेगी अस्पताल की लंबी कतारों से मुक्ति।
  • पूरा सिस्टम होगा डिजिटल और क्लाउड आधारित।


सांसद रहते हुए दिल्ली मॉडल पसंद नहीं आया, अब मुरीद हो गए मान
पंजाब और दिल्ली सरकार के बीच हुए समझौते पर दिल्ली प्रदेश भाजपा ने तंज कसा है। प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले दो दिनों से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिल्ली के शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था के मॉडल को देखने आए हैं। यह अलग बात है कि पिछले आठ साल से वे पंजाब से सांसद रहते हुए एक बार भी दिल्ली के स्कूलों एवं स्वास्थ्य व्यवस्था मॉडल देखने नहीं गए। आदेश गुप्ता का सवाल है कि अगर दिल्ली का शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था इतना ही अच्छा है तो भगवंत मान सात साल पहले ही एक सांसद के रूप में भी इन सभी व्यवस्थाओं को अपने संसदीय क्षेत्र में लागू कर सकते थे। यह महज इत्तेफाक नहीं है कि मान को एक सांसद के रूप में दिल्ली मॉडल पसंद नहीं आया और मुख्यमंत्री बनते ही वे इस तथाकथित मॉडल के मुरीद हो गए।

नेता प्रतिपक्ष ने समझौते को बताया झूठ का पुलिंदा
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली और पंजाब में ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए हुए समझौते को झूठ का पुलिंदा करार दिया है। उन्होंने कहा कि समझौते के नाम पर दिल्ली के मुख्यमंत्री पंजाब पर भी राज करना चाहते हैं। जबकि वह खुद दिल्ली ही नहीं संभाल पा रहे। बिधूड़ी के मुताबिक, पिछले दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री ने पंजाब के बिजली अधिकारियों की मीटिंग बुलाई थी। इसका काफी विरोध हुआ था तो उसे नॉलेज शेयरिंग का नाम दे दिया गया। अब उसी पर करार कर लिया गया है।

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