फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Private hospitals approach high court against delhi government order for 80 per cent bad reservation

दिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ निजी अस्पताल पहुंचे हाईकोर्ट

Sat, 19 Sep 2020 02:04 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sat, 19 Sep 2020 02:04 AM IST
विज्ञापन
Private hospitals approach high court against delhi government order for 80 per cent bad reservation
दिल्ली उच्च न्यायालय - फोटो : ANI

कोरोना मरीजों के लिए अस्पतालों में 80 फीसदी तक आईसीयू बेड आरक्षित किए जाने के दिल्ली सरकार के फैसले को निजी अस्पतालों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। एसोसिएशन ऑफ हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स (एएचपीआई) के महानिदेशक डॉ. गिरधर ज्ञानी ने बताया कि राजधानी में रोजाना चार हजार के औसत से संक्रमित मरीज मिल रहे हैं इनमें से एक या दो फीसदी रोगियों को ही आईसीयू की जरूरत होती है।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि ऐसे में अस्पताल के 80 फीसदी तक बिस्तरों को आरक्षित किए जाने का कोई तुक नहीं बनता है। कोरोना के अलावा भी अस्पतालों में अन्य मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। अगर बिस्तरों को आरक्षित किए जाने का सिलसिला शुरू होता है तो नॉन कोविड मरीज को उपचार कैसे मिलेगा? आपातकालीन स्थिति में अस्पताल आने वाले मरीजों में से ज्यादातर को आईसीयू केयर की जरूरत होती है।
विज्ञापन


डॉ. ज्ञानी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने बिना किसी चर्चा या परामर्श किए यह फैसला लिया है जिसका कोई आधार नहीं है। इस फैसले को वापस लेने के लिए अपील भी की गई लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो संगठन ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल हाल ही में दिल्ली सरकार ने राजधानी के 33 अस्पतालों में 80 फीसदी तक आईसीयू बिस्तरों को कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रखने का आदेश दिया है। दिल्ली के एक बड़े सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निदेशक ने बताया कि उनका अस्पताल दिल्ली सरकार से मिली जमीन पर बनाया गया है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार बगैर किसी परामर्श कुछ भी फैसला लेगी।


अस्पताल के मुताबिक उनके यहां अभी 100 से ज्यादा आईसीयू बेड खाली हैं जबकि कोरोना के महज 15 ही केस भर्ती हैं। यह स्थिति तब है जब हर एक घंटे में उनके यहां इमर्जेंसी में एक गंभीर मरीज आ रहा है। इन मरीजों को आईसीयू की जरूरत है। उधर इस मामले में दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने टिप्पणी से इंकार कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed