बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

सांस और व्यक्ति की आवाज से कोरोना जांच की तैयारी, 10 हजार लोगों के लिए गए नमूने

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sat, 08 Aug 2020 03:39 AM IST
विज्ञापन
कोरोना जांच...
कोरोना जांच... - फोटो : पीटीआई

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
 नॉन इन्वेसिव कोविड टेस्टिंग प्रणाली के तहत राजधानी के चार बड़े अस्पतालों से 10,022 लोगों के नमूने लिए गए हैं। एक महीने में इनका शोध करके नतीजे जारी किए जाएंगे। यदि यह सफल रहा तो आने वाले समय में सांस और व्यक्ति की आवाज के माध्यम से ही 30 सेकेंड में कोरोना जांच की जा सकेगी।
विज्ञापन


इजराइल में विकसित की गई इस तकनीक पर दिल्ली के आरएमएल, एलएनजेपी, सर गंगाराम और लेडी हार्डिंग अस्पताल में शोध चल रहा है। इसमें पता लगाया जा रहा है कि कोरोना की जांच में यह कितना सटीक है। जिन 10 हजार लोगों के नमूने लिए गए हैं उनकी तीन प्रकार से जांच के अलावा आरटी-पीसीआर तरीके से भी जांच की गई है। अगले एक महीने में इसके नतीजे आ जाएंगे। फिर यह देखा जाएगा कि इनके परिणाम कितने सही हैं। यदि भारत में यह तकनीक सही साबित हुई तो महज 30 सेकेंड में कोरोना की जांच की जा सकेगी।


आरएमएल अस्पताल में इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी और प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर देशदीपक बताते हैं कि यह तकनीक इजराइल में विकसित की गई है। भारत और इजराइल साथ मिलकर इस प्रणाली पर काम कर रहे हैं। चारों अस्पतालों से मिलाकर 10,022 लोगों के नमूने लिए गए हैं। भारत जैसे बड़े देश में अगर कोविड की जांच की यह प्रणाली कारगर साबित हो जाती है तो काफी अच्छा रहेगा। वैक्सीन आने तक जल्द से जल्द लोगों की जांच करने में सहायता मिलेगी।

सर गंगाराम अस्पताल में इस शोध से जुड़े डॉक्टर एसपी बायोत्रा का कहना है कि कोरोना संक्रमण अभी काफी लंबे समय तक रहने वाला है। ऐसे में जांच के लिए ऐसी तकनीक तैयार करनी होगी जो आसानी से सांस के जरिए भी एक मिनट से कम समय में कोरोना का पता लगा ले। यह तकनीक विकसित तो हो गई है, लेकिन अब एक महीने में पता चलेगा कि इसके नतीजे कितने सटीक हैं।

इन चार प्रकार से जांच कर लिए गए हैं नमूने
1. सांस विश्लेषक जांच : इस जांच में मरीज को एक ट्यूब में फूंक मारनी होती है और टैरा हर्ट्ज वेव्स के जरिए वायरस का पता लगाया जाता है।
2 लार के नूमने (सामान्य आरटी-पीसीआर जांच की तरह) : इसमें लार के नमूने से वायरस का पता लगाया जाता है। यह एक तरह का आरटी-पीसीआर जांच का ही तरीका है, लेकिन आरटी-पीसीआर जांच में मुंह और नाक के अंदर स्वेब से नूमना लिया जाता है। इसमें व्यक्ति के होंठ की लार से नमूना लेना होता है।
3. पॉली अमीनो टेस्ट : इसमें व्यक्ति के थूक के नमूने से ही कोरोना का पता लगाया जाता है।
4. आवाज से जांच : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए किसी व्यक्ति की आवाज को सुनकर यह पता लगाया जा सकता है कि वह कोरोना संक्रमित है या नहीं। हालांकि, यह कितना सटीक होगा, अभी इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us