केजरीवाल ने एलजी की तरफ बढ़ाया सुलह का हाथ, सभी को मिलेगा इलाज
- केजरीवाल के मुताबिक, दिल्ली में केंद्र सरकार और एलजी के आदेश को लागू किया जाएगा
- वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रेस कांफ्रेंस कर केजरीवाल ने कहा कि यह समय असहमति और एक-दूसरे से लड़ने का नहीं है
- अब जो निर्णय केंद्र सरकार ने लिया है और एलजी ने जो आदेश दिया है उसे लागू किया जाएगा
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उपराज्यपाल अनिल बैजल और दिल्ली की चुनी हुई सरकार में तनातनी के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को समझौते के संकेत दिए। केजरीवाल के मुताबिक, दिल्ली में केंद्र सरकार और एलजी के आदेश को लागू किया जाएगा। उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोगियों व आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं को हिदायत दी कि एक-दूसरे से लड़ने के बजाय सभी को मिलकर कोरोना को हराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली कैबिनेट के निर्णय को सोमवार को केंद्र सरकार ने पलट दिया और उपराज्यपाल ने आदेश जारी किया कि दिल्ली के हर अस्पताल में सभी का इलाज किया जाएगा।
इससे नाराज होकर कुछ लोग कह रहे थे कि केंद्र सरकार दिल्ली की कैबिनेट के फैसले को पलट नहीं सकती है। दिल्ली में चुनी हुई सरकार है। इसको 62 सीट मिली थी, जबकि कुछ लोग कह रहे थे कि दिल्ली में काफी केस हो रहे हैं तो लोगों को यहां काफी बेड की जरूरत पड़ेगी।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रेस कांफ्रेंस कर केजरीवाल ने कहा कि यह समय असहमति और एक-दूसरे से लड़ने का नहीं है। अब जो निर्णय केंद्र सरकार ने लिया है और एलजी ने जो आदेश दिया है उसे लागू किया जाएगा। इस पर अब कोई असहमति नहीं रखनी है और न ही कोई वाद-विवाद और लड़ाई-झगड़ा करना है।
जितने भी लोग सरकार के अंदर हैं और आम आदमी पार्टी के लोग हैं, उन सभी को संदेश है कि उपराज्यपाल का आदेश लागू करना है। गौरतलब है कि कैबिनेट का फैसला पलटने के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन समेत सांसद संजय सिंह व आप के दूसरे विधायक उपराज्यपाल पर हमलावर हो गए थे।
मंगलवार को डीडीएम की बैठक के बाद सिसोदिया ने तल्खी भरे बयान दिए थे। वहीं, राजनिवास से भी उपमुख्यमंत्री को दो टूक जवाब दिया गया था। अब मुख्यमंत्री का बयान आने के बाद टकराव की गुंजाइश नहीं बचती दिख रही है।
स्टेडियम, बैंक्वेट हॉल और होटल में तैयार होंगे बेड
हालांकि, केजरीवाल ने माना कि इस फैसले से अभूतपूर्व चुनौती खड़ी हुई है। सिर्फ दिल्ली के लोगों के लिए 15 जुलाई तक 33 हजार और 31 जुलाई तक 80 हजार बेड की जरूरत है। बाहर से लोगों के आने से दबाव दोगुना पड़ेगा। आकलन के तौर पर कोरोना से पहले दिल्ली के अस्पतालों में 50 प्रतिशत लोग बाहर से आकर इलाज कराते हैं। अभी उसी को आधार मानें तो जितने बेड दिल्ली के लोगों के लिए चाहिए, उतने ही बेड बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी चाहिए। इस तरह 15 जुलाई तक करीब 65 हजार और 31 जुलाई तक करीब 1.5 लाख बेड की जरूरत पडे़गी, जो बहुत बड़ी चुनौती है।
सीएम के मुताबिक, वह हर तरह से इस मांग को पूरा करने की तैयारी करेंगे। यह सरकार की जिम्मेदारी भी है और सेवा का काम भी। एक-दो दिन में खुद स्टेडियम, बैंक्वेट हॉल, होटल को तैयार कराउंगा। दिल्ली सरकार तैयारियां पूरी रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने पड़ोसी राज्यों से भी अपील की है कि वह अपने राज्य में भी मरीजों के लिए बेड का समुचित इंतजाम करें, ताकि कम से कम लोगों को दिल्ली आने की जरूरत पड़े। उम्मीद जताई कि पड़ोसी राज्य व्यवस्था कर भी रहे होंगे।
कोरोना से लड़ाई को बनाना पड़ेगा जनांदोलन
केजरीवाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अब हमें तीन बातों को जनांदोलन बनाना है। हमेशा मास्क पहनकर घर से निकलना है। बार-बार हाथ धोना और सैनिटाइज करना है तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है। इसका खुद पालन करने के साथ दूसरे को भी रास्ते पर लाना है। यदि कोई इसका पालन नहीं कर रहा है तो उससे हाथ जोड़कर अनुरोध करना है कि वह इन नियमों को माने।