दिल्ली विधानसभा चुनावः प्रत्याशियों के नाम पर माथापच्ची कर रही हैं पार्टियां
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विधानसभा चुुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस ने शनिवार को अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम पर माथापच्ची की। दिल्ली की सत्ता दोबारा हासिल करने की दौड़ में शामिल आम आदमी पार्टी, 21 साल बाद सत्ता पाने की कोशिश कर रही भाजपा समेत दिल्ली की कुर्सी तक पहुंचने की जोर-आजमाइश कर रही कांग्रेस ऐसे चेहरों को तलाशती रहीं, जिनके सहारे तीनों पार्टियां अपने मकसद को पूरा कर सकें। इसके लिए आप अपने सर्वे पर भरोसा कर रही है, तो भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया, जबकि कांग्रेस की केंद्रीय स्क्रीनिंग कमेटी ने प्रत्याशियों का बायोडाटा खंगाला।
भाजपा : 3500 कार्यकर्ताओं के पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम पर हुई चर्चा
दिल्ली प्रदेश भाजपा कार्यालय में शनिवार को चुनाव समिति की पहली बैठक हुई। इसमें 3500 कार्यकर्ताओं के पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा हुई। चुनाव समिति के सामने उन पेटियों को खोला गया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने अपने तीन पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम जाहिर करने वाली पर्चियां डाली थीं।
बैठक में समिति के अध्यक्ष मनोज तिवारी, चुनाव प्रभारी प्रकाश जावडे़कर समेत समिति के सभी सदस्य मौजूद थे। इसमें उन नामों को छांटा गया, जिस पर सबसे ज्यादा कार्यकर्ताओं ने यकीन जताया। वहीं, निचले पायदान पर रहने वाले लोगों का नाम निकाल दिया गया। चुनाव समिति इन नामों पर अपनी अगली बैठक में विचार करेगी।
इसके बाद हर विधानसभा क्षेत्र से तीन-तीन संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट केंद्रीय चुनाव समिति के पास भेजी जाएगी। इसके बाद उम्मीदवार के नाम पर फैसला लिया जाएगा। इससे पहले भाजपा ने हर विधानसभा क्षेत्र में 50 प्रमुख कार्यकर्ताओं से रायशुमारी कराई थी। गुप्त मतदान प्रणाली अपनाते हुए पार्टी ने हर कार्यकर्ता से तीन-तीन पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम मांगे थे।
उनकी राय पेटी में बंद करके प्रदेश कार्यालय पहुंचा दी गई थी। बैठक के बाद प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि इस प्रक्रिया को अपनाने से साफ है कि भाजपा कार्यकर्ताओं की आवाज सुनती है, उनकी सलाह पर ही फैसला लिया जाता है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि पार्टी की कोशिश है कि 14 व 15 जनवरी को प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जाए।
आप : 35 सीटों पर तय किए प्रत्याशी, 14 को हो सकती है घोषणा
दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी की पहली नजर बतौर उम्मीदवार अपने विधायकों को मैदान में उतारने की है। हालांकि, फैसला लेने से पहले आप ने विधायकों के कामकाज पर सर्वे कराया है। इसके आधार पर करीब 50 फीसदी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए गए हैं।
इसमें उन सीटों के नाम हैं, जहां के विधायक अपने कामकाज की बदौलत इलाके में पकड़ बनाए हुए हैं। वहीं, करीब 15 सीटों के लिए पार्टी नए नामों पर भी विचार कर रही है। दिलचस्प यह कि लोकसभा चुनाव में आप के उम्मीदवार रहे वरिष्ठ नेता आतिशी, दिलीप पांडेय व राघव चड्ढा विधानसभा में भी अपनी दावेदारी पेश करेंगे।
प्रदेश संयोजक गोपाल राय का मानना है कि उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए पार्टी ने हर विधानसभा क्षेत्र का सर्वे कराया है। पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मोहर लगाएगी। उम्मीद है कि 14 जनवरी तक पार्टी अपनी लिस्ट जारी कर देगी।
कांग्रेस : 20 प्रत्याशियों की सूची पर अंतिम निर्णय लिया
प्रत्याशियों के चयन में कांग्रेस भी पीछे नहीं है। चुनाव का आगाज होने के साथ ही न केवल प्रदेश नेतृत्व, बल्कि केंद्रीय नेतृत्व भी हर विधानसभा क्षेत्र के दावेदारों पर गुणा-भाग कर रहा है। शनिवार को केंद्रीय नेतृत्व ने भी प्रत्याशियों के चयन को लेकर बैठक की। बैठक में करीब 20 विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों की सूची फाइनल कर ली गई है।
अन्य 50 विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों के लिए 3-3 दावेदारों पर चर्चा हुई। इस पर अंतिम फैसला नहीं होने की स्थिति में एक बार फिर केंद्रीय नेतृत्व बैठक कर प्रत्याशियों की सूची जारी करेगा। प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा का कहना है कि कांग्रेस सबसे पहले अपनी लिस्ट जारी करेगी। संभव है कि पहली लिस्ट में 25 फीसदी उम्मीदवारों के नाम शामिल हों।