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दहेज प्रताड़ना में 61 वर्षीय महिला व बेटे को कैद
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 03 Oct 2013 01:48 AM IST
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नई दिल्ली में दहेज प्रताड़ना के 18 साल पुराने मामले में अदालत ने पीड़िता के पति व उसकी 61 वर्षीय सास को दो-दो साल कैद की सजा सुनाई है।
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पीड़िता ने 1996 में दहेज प्रताड़ना की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी। महिला का पति काफी पहले उसे छोड़कर अलग हो चुका है। मामला पश्चिमी दिल्ली का है।
तीस हजारी स्थित महानगर दंडाधिकारी एकता गाबा ने मामले में आरोपी सतेंद्र यादव व उसकी मां शांति देवी को दोषी ठहराते हुए दो-दो साल कैद की सजा सुनाई है।
सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि एक महिला द्वारा दूसरी महिला पर अत्याचार के मामलों में कड़ी सजा दी जानी चाहिए और ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरतनी चाहिए।
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पश्चिमी दिल्ली निवासी महिला ने जुलाई 1996 में अपने पति सतेंद्र यादव, सास शांति देवी व ससुर नाथू राम के लिए खिलाफ पुलिस में दहेज प्रताड़ना की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
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मामले की सुनवाई के दौरान नाथू राम की मृत्यु हो चुकी है और सतेंद्र ने दूसरी शादी कर ली है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि उसकी शादी दिसंबर 1994 में हुई थी।
उसके माता-पिता ने शादी में तोहफे व स्त्रीधन का काफी सामान दिया था, लेकिन शादी के 15 दिनों बाद ही उस पर शारीरिक व मानसिक अत्याचार शुरू हो गया।
उसके संबंध किसी अन्य शख्स के साथ होने का उल्लेख करते हुए उससे जबरन पत्र लिखवाया गया और उसे जान से मारने की कोशिश की गई।