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स्क्रीनिंग कमेटी कर रही है शिकायती कागजों की पड़ताल
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 26 Oct 2013 01:57 AM IST
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कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी दिल्ली से प्रत्याशियों के नाम फाइनल करने या पैनल बनाने का काम शुक्रवार को भी फाइनल नहीं कर सकी है।
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कमेटी चार बार बैठक चुकी और सदस्य संभावना जता रहे हैं कि आगामी बैठक में अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
बताते हैं कि अलग-अलग विधानसभा से दावेदारों ने एक-दूसरे के जो कच्चे चिट्ठे दिये हैं, उसकी जांच पड़ताल में अधिक समय लग रहा है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस आपराधिक छवि के दावेदारों को लेकर सबसे अधिक दिक्कत में है।
आपराधिक छवि के एक-दो विधायक ऐसे हैं जो कांग्रेस के लिए सीट निकाल सकते हैं।
इसलिए कुछ वरिष्ठ नेता उन्हें टिकट देना चाहते हैं जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस उपाध्यक्ष के निर्देश हैं जिसमें ऐसे प्रत्याशियों को टिकट नहीं देने के लिए कहा गया है।
एक विधायक पर कई मुकदमे हैं तो एक अन्य विधायक के खिलाफ मुकदमों की सूची नेताओं के पास पहुंचाई गई है। उसमें जमीन कब्जाने के मुकदमे शामिल हैं।
इतना ही नहीं निर्देश में यह भी कहा गया है कि जिन नेताओं ने कभी भी पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ा है, उन्हें मौका न दिया जाए।
हालांकि हाल ही में पार्टी में शामिल किए गए बड़े नेताओं के मामले में नेता इससे मानने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जेपी अग्रवाल का कहना है कि सीटवाइज चर्चा करने के अलावा दावेदारों के कागजों की पड़ताल चल रही है।
उम्मीद है कि एक और बैठक होगी जिसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी का फैसला केंद्रीय चुनाव समिति को भेज दिया जाएगा।