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एक लाख से ज्यादा के लेन-देन पर खुफिया नजर
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 10 Oct 2013 02:04 AM IST
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नई दिल्ली में आचार संहिता लागू होने के बाद अब बैंक कैश के लेन-देन पर चुनाव आयोग खुफिया नजर रख रहा है।
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आयोग ने बैंक के नोडल अधिकारियों को सभी ऐसे खातों पर नजर रखने को कहा है जिसमें एक लाख से ज्यादा नकदी का लेन-देन हो रहा है।
ऐसे खातों की सूचना दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को देने का निर्देश दिए गए हैं।
चुनाव में काले धन के प्रयोग को रोकने के लिए यह निगरानी शुरू हुई है। दरअसल इस बार प्रत्याशियों को नामांकन के साथ चुनाव खर्च के लिए अलग से अकाउंट खोलने को कहा गया है।
आयोग को आशंका है कि पैसों कालेन-देन दूसरे नाम से खोले गए खातों या किसी अन्य के खाते के माध्यम से भी किया जा सकता है।
दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक उनकी नजर खासतौर से उन खातों पर है जिसमें पिछले कुछ दिनों या बीते दो तीन महीने के दौरान अचानक से पैसों का लेन-देन बढ़ गया हैं।
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अधिकारी के मुताबिक इन पैसों के लेन-देन का संबंध आगामी चुनाव से है या नहीं इसकी जांच की जाएगी। यह पूरी जांच खुफिया होगी।
सही पाए जाने पर ऐसे अकाउंट सील करने के साथ खाताधारकों पर भी कार्रवाई होगी।
राज्य चुनाव आयोग के खर्च व निगरानी कमेटी के प्रमुख अंकुर गर्ग ने बताया कि जिस अकाउंट में सामान्य तौर लाखों रुपये का लेन-देन होता रहता है वह भी उनके रडार पर रहेंगे, लेकिन उनकी प्राथमिकता उन खातों पर रहेगी, जिसमें बीते कुछ महीनों से अचानक से लेन-देन बढ़ा है।
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उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान एक लाख से ज्यादा का लेन-देन करने वाले खातों की डिटेल बैंक उन्हें देंगे। आयकर विभाग से भी इसमें मदद ली जाएगी।
बताते चलें कि आचार संहिता लागू होने के बाद दिल्ली में 50 हजार से ज्यादा कैश लेकर चलने पर भी पूछताछ का आदेश जारी हो चुका है।
कैश लेकर चलने वाला इस पैसे का हिसाब नहीं दे पाता है तो आयोग उस पैसे को सीज कर सकता है। ऐसे पैसे पर खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई होगी।