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भाजपा के टिकट बंटवारे पर घमासान
अमर उजाला/ नई दिल्ली
Updated Mon, 11 Nov 2013 12:58 AM IST
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भाजपा में टिकट बंटवारे को लेकर घमासान मचा है। एक दर्जन से अधिक विधानसभा में दावेदारों ने तो मोर्चा खोल ही दिया है, साथ ही कई वर्ग वोट प्रतिशत के हिसाब से प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से भी नाराज हैं।
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लिस्ट में उत्तरांचली, पूर्वांचली, सिंघी और महिलाओं की कम भागीदारी को लेकर भी पार्टी पर सवाल उठ रहे हैं।
सभी वर्गों को भागीदारी देने के संबंध में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल का कहना है कि पार्टी ने पूर्वांचल के लोगों को पिछले बार के मुकाबले दो सौ फीसदी ज्यादा प्रतिनिधित्व दिया है।
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इस बार चार पूर्वांचली चुनाव लड़ रहे हैं, पिछली बार केवल दो ही प्रत्याशी थे। यह अलग बात है कि भाजपा के सर्वे में ही 70 में से 27 सीट ऐसी हैं, जहां इनके 25-39 प्रतिशत मतदाता हैं।
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हालांकि, दिल्ली के चुनाव प्रभारी नितिन गडकरी भी कई बार कह चुके हैं कि प्रतिनिधित्व के हिसाब से टिकट मिलेगा।
विजय गोयल ने महिलाओं की भागीदारी के बारे में कहा कि इस बार सौ प्रतिशत अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा। 58 सीटों की घोषणा में 4 महिला प्रत्याशी हैं।
अभी आठ सीटों का ऐलान बाकी है। अगली सूची में एक-दो महिलाओं को टिकट मिल सकता है।
अगर दो सीट महिला उम्मीदवारों को दी जाती हैं तो पिछली बार के मुकाबले दो महिला प्रत्याशी ज्यादा होंगी। यह जरूर है कि हर विधानसभा में 50 हजार से ज्यादा महिला मतदाता हैं।
टिकटों को लेकर उत्तराखंड के लोग भी काफी नाराज हैं। दिल्ली प्रदेश उत्तराखंड के सह संयोजक विजय ढौढ़ियाल ने कहा कि बुराड़ी, पालम, पटपड़गंज, लक्ष्मीनगर, नई दिल्ली, देवली समेत एक दर्जन सीट ऐसी हैं, जहां उत्तराखंड के लोग हार-जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
लेकिन इस बार पार्टी ने पहाड़ के लोगों को महज एक सीट देकर दरकिनार कर दिया है।
वहीं, पूर्वांचली नेता पूनम आजाद ने कहा कि छठ पर राजनीति करने तो सभी पहुंच जाते हैं, लेकिन जब टिकट देने की बारी आती है तो चुप्पी साध लेते हैं।
विकासपुरी, द्वारका, पटपड़गंज समेत 15 से अधिक सीटों पर उनके समाज की दावेदारी थी, लेकिन उन्हें केवल चार सीटें ही मिलीं।
उधर, राजधानी का सिंधी समाज भी खासा नाराज है। आदर्श नगर विधानसभा से टिकट की मांग को लेकर सिंधी नेता महेंद्र सिंह पाल पम्मा व एकन चावला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है।