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चेक बाउंस होने पर दो करोड़ का जुर्माना
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 03 Oct 2013 01:42 AM IST
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नई दिल्ली में चेक बाउंस के दो मामलों में अदालत ने एक कारोबारी पर करीब सवा दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही कारोबारी को दो साल कैद की सजा भी सुनाई है।
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कारोबारी की ज्वेलरी व टेक्सटाइल फर्मों ने पंजाब नेशनल बैंक को 50-50 लाख रुपये के चेक जारी किए थे लेकिन डिपोजिट करने पर दोनों चेक बाउंस हो गए थे। जुर्माने की राशि बैंक को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।
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कड़कड़डूमा स्थित महानगर दंडाधिकारी जितेंद्र सिंह ने आनंद विहार निवासी कारोबारी विक्की राणा पर चेक बाउंस के दो मामलों में दो-दो साल कैद की सजा सुनाई है।
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अदालत ने विक्की राणा पर प्रत्येक मामले में 1.10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह राशि एक माह के भीतर पंजाब नेशनल बैंक को मुआवजे के तौर पर दी जानी है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोषी ने सरकारी बैंक को मुकदमेबाजी में उलझाए रखा, इससे सरकारी पैसे व समय की बर्बादी हुई। ऐसे शख्स के साथ नरमी नहीं बरती जा सकती।
अदालत ने फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए प्रत्येक मामले में एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके व इतनी ही राशि एक-एक जमानती की शर्त पर जमानत दी है।
चेक बाउंस का एक मामला नौ साल तो दूसरा दस साल पुराना है। विक्की राणा की फर्म चड्ढा ज्वेलर ने 2003 में पंजाब नेशनल बैंक को 50 लाख रुपये का चेक जारी किया था।
इसी धनराशि का दूसरा चेक उन्हीं की एक और फर्म चड्ढा टेक्सटाइल ने 2004 में जारी किया था। यह दोनों चेक डिपोजिट करने पर बाउंस हो गए थे। तब से इस राशि की वसूली के लिए बैंक मुकदमा लड़ रहा था।