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मतदान से 48 घंटे पहले राजनीतिक एसएमएस पर रोक
अमर उजाला/ नई दिल्ली
Updated Sat, 09 Nov 2013 01:47 AM IST
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मतदान से 48 घंटे पहले राजनीतिक एसएमएस पर रोक लगा दी गई है।
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को टेलीकॉम कंपनियों के साथ हुई बैठक में यह आदेश जारी किया है।
प्रत्याशियों के एसएमएस से चुनाव प्रचार की निगरानी रखने के लिए कंपनियों को दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
बैठक में निजी और सरकारी दोनों क्षेत्र की टेलीकॉम कंपनियों के अधिकारी मौजूद रहे।
एसएमएस के जरिए जिस प्रत्याशी का प्रचार किया जाएगा उसका खर्च खाते में जुड़ेगा।
आयोग ने टेलीकॉम कंपनियों से कहा है कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के साथ (नामांकन प्रारंभ होने पर) बल्क एसएमएस बुक होने वाले नंबरों की जानकारी दें।
एक साथ 100 या इससे अधिक बल्क एसएमएस बुकिंग की जानकारी टेलीकॉम कंपनियों को चुनाव आयोग को देनी होगी।
आयोग ने यह भी साफ किया है कि इस दौरान कंपनियां अचानक किसी क्षेत्र में प्रीपेड सिम की बिक्री बढ़े तो उसकी जानकारी भी आयोग को दें।
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि कई बार प्रत्याशी समर्थकों के प्रीपेड सिम देकर भी एसएमएस करवाते हैं।
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चुनाव आयोग ने शुक्रवार को टेलीकॉम कंपनियों के साथ हुई बैठक में यह आदेश जारी किया है।
प्रत्याशियों के एसएमएस से चुनाव प्रचार की निगरानी रखने के लिए कंपनियों को दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
बैठक में निजी और सरकारी दोनों क्षेत्र की टेलीकॉम कंपनियों के अधिकारी मौजूद रहे।
एसएमएस के जरिए जिस प्रत्याशी का प्रचार किया जाएगा उसका खर्च खाते में जुड़ेगा।
आयोग ने टेलीकॉम कंपनियों से कहा है कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के साथ (नामांकन प्रारंभ होने पर) बल्क एसएमएस बुक होने वाले नंबरों की जानकारी दें।
एक साथ 100 या इससे अधिक बल्क एसएमएस बुकिंग की जानकारी टेलीकॉम कंपनियों को चुनाव आयोग को देनी होगी।
आयोग ने यह भी साफ किया है कि इस दौरान कंपनियां अचानक किसी क्षेत्र में प्रीपेड सिम की बिक्री बढ़े तो उसकी जानकारी भी आयोग को दें।
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि कई बार प्रत्याशी समर्थकों के प्रीपेड सिम देकर भी एसएमएस करवाते हैं।