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सीटें आरक्षित करने के लिए याचिका दायर
New Delhi
Updated Thu, 18 Jul 2013 05:32 AM IST
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नई दिल्ली । दिल्ली विश्वविद्यालय में राजधानी के छात्रों के लिए 85 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। याची ने आरोप लगाया कि आवेदनों के ढेर के कारण राजधानी के छात्रों के दाखिलों की संभावना नाटकीय ढंग से कम हो रही है। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बीडी अहमद और न्यायमूर्ति विभू बाखरू की खंडपीठ के समक्ष यह जनहित याचिका एनजीओ मोक्शा फांउडेशन के अध्यक्ष दिनेश लालवानी ने दायर की है। खंडपीठ के समक्ष याचिका पर सुनवाई 31 जुलाई को होगी।
याची ने तर्क रखा है कि डीयू को निर्देश दिया जाए कि राजधानी के स्कूलों से शैक्षिक सत्र 2014-15 के दौरान पास छात्रों को दाखिला करने के लिए नई नीति तय करे। इस नीति के तहत दिल्ली सरकार के सभी कॉलेजों में इन छात्रों के लिए 85 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखे। याची ने कहा कि डीयू में सीमित सीटें होने के कारण राजधानी के छात्रों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है।
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याची ने तर्क रखा है कि डीयू को निर्देश दिया जाए कि राजधानी के स्कूलों से शैक्षिक सत्र 2014-15 के दौरान पास छात्रों को दाखिला करने के लिए नई नीति तय करे। इस नीति के तहत दिल्ली सरकार के सभी कॉलेजों में इन छात्रों के लिए 85 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखे। याची ने कहा कि डीयू में सीमित सीटें होने के कारण राजधानी के छात्रों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है।
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