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खुला है दूसरी कंपनी का ऑप्शन
New Delhi
Updated Tue, 02 Jul 2013 05:30 AM IST
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नई दिल्ली। एयरपोर्ट मेट्रो कॉरिडोर पर बोर्ड लग गया है कि दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) आपका स्वागत करता है। इसी के साथ डीएमआरसी ने सोमवार सुबह इसका ऑपरेशन शुरू कर दिया। प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने टीम के साथ सुबह कॉरिडोर और ऑपरेशन गतिविधियों का निरीक्षण किया। ट्रेन ऑपरेशन का प्रबंधन बदल गया, लेकिन यात्रियों को इसका अंदाजा तक नहीं लगा। इस 22.7 किमी लंबे कॉरिडोर पर दैनिक 10.7 हजार यात्री सफर करते हैं। डीएमआरसी के निदेशक (ऑपरेशन) शरत शर्मा ने कहा कि रिलायंस इंफ्रा के छोड़ते ही ऑपरेशन टेकओवर कर लिया है। एक माह तक रिलायंस इंफ्रा की दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) के कर्मी व संसाधनों के सहयोग से ट्रेन ऑपरेशन करेंगे और उन्हें सेलरी देंगे। जो कर्मचारी डीएएमईपीएल हमें देंगे, उनमें से हम छंटनी कर लेंगे। बाकी डीएएमईपीएल के कर्मचारी रहेंगे।
बाद में होगी योजना तैयार
शरत शर्मा बताते हैं कि एयरपोर्ट लाइन का ऑपरेशन अभी अस्थायी प्रावधान है। एक्सिस बैंक की अगुवाई में आठ बैंकों का डीएएमईपीएल पर करीब दो हजार करोड़ रुपये का उधार है। ये बैंक अगर दूसरी कंपनी परिचालन के लिए लाना चाहें तो ला सकते हैं। जब बैंक दूसरी कंपनी को लाने में असमर्थता जताएंगे और डीएमआरसी से ऑपरेशन के लिए कहेंगे, तब घाटा कम करने के लिए प्रॉपर्टी डेवलपमेंट बढ़ाने, किराया बढ़ाने या घटाने समेत तमाम मुद्दों पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
अभी चार करोड़ का घाटा पाटने का प्लान नहीं
परिचालन में मासिक सात करोड़ रुपये का खर्च एयरपोर्ट मेट्रो कॉरिडोर पर परिचालन में आता है। राजस्व 3 करोड़ रुपये मिलता है। ऐसे में मासिक चार करोड़ रुपये का औसत घाटा है। अभी घाटा पाटने का कोई प्लान नहीं बनाया है।
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-शरत शर्मा, निदेशक (ऑपरेशन), डीएमआरसी।
आर्बिट्रेशन में हैं दोनों पक्ष
एयरपोर्ट लाइन परिचालन कंपनी का कर्ज चुकाने या हिस्सेदारी देने के मामले के तहत निपटाया जाएगा। दोनों पक्ष आर्बिट्रेशन में हैं। जो कुछ तय होगा, वहीं से तय होगा।
-शीला दीक्षित, मुख्यमंत्री दिल्ली।
स्पीड बढ़ाने की है चुनौती
नई दिल्ली से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट महज 16 मिनट में पहुंचाने का दावा निर्माण के समय किया गया था। डिजाइन स्पीड 130 किमी थी, जिस पर 105 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने की योजना थी। लेकिन कुछ ही दिन में ट्रेन की स्पीड धीरे-धीरे घटाई गई। स्थिति इतनी खराब हुई कि 55 किमी की स्पीड से हाईस्पीड ट्रेन चली। यात्रियों को रफ्तार के नाम पर अधिक किराया वसूलने के बावजूद धीमी गति से एयरपोर्ट पहुंचाया गया। वर्तमान में 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने का दावा डीएमआरसी कर रही है। स्पीड कब बढ़ेगी इस पर डीएमआरसी के निदेशक ऑपरेशन शरत शर्मा कुछ कह पाने में असमर्थता जता रहे हैं।
रिलायंस इंफ्रा पर लग चुका है 60.37 करोड़ जुर्माना
डीएमआरसी ने रिलायंस इंफ्रा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लिमिटेड पर परिचालन देरी से शुरू करने के लिए 60.37 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार कई स्तर पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अब देखना है कि उसके तहत परिचालन से हाथ खींचने पर कितना जुर्माना लगाया जाता है।
शुरुआत से ही दिक्कतों में उलझी है एयरपोर्ट लाइन
डीएमआरसी ने एयरपोर्ट हाईस्पीड मेट्रो कॉरिडोर निर्माण पूरा करने और परिचालन पूर्ण रूप से शुरू करने का लक्ष्य 30 सितंबर 2010 रखा था, लेकिन निर्माण पूरा होने के बावजूद 23 फरवरी 2011 को परिचालन शुरू किया जा सका। वह भी चेकइन सुविधा प्रारंभ में नहीं दी जा सकी। इतना ही नहीं धौलाकुआं और एरोसिटी मेट्रो स्टेशन पब्लिक के लिए नहीं खोला गया। प्रतिघंटा 135 की स्पीड पर डिजाइन कॉरिडोर की शुरुआत 105 किमी प्रतिघंटा पर करने की घोषणा हुई, लेकिन उस स्पीड से भी मेट्रो नहीं दौड़ सकी। हालात यह रहे कि धीरे-धीरे घुमाव पर धौलकुआं के पास स्पीड 50 किमी प्रतिघंटा से भी नीचे आ गई। दिक्कत इतनी बढ़ी कि महज एक वर्ष चार माह में ही परिचालन बंद करना पड़ा, जो काफी जद्दोजहद के बाद शुरू हो सका।
कौन-कौन से हैं स्टेशन
नई दिल्ली, शिवाजी टर्मिनल, धौलाकुआं, दिल्ली एयरोसिटी (एनएच-8), आईजीआई और द्वारका सेक्टर-21
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बाद में होगी योजना तैयार
शरत शर्मा बताते हैं कि एयरपोर्ट लाइन का ऑपरेशन अभी अस्थायी प्रावधान है। एक्सिस बैंक की अगुवाई में आठ बैंकों का डीएएमईपीएल पर करीब दो हजार करोड़ रुपये का उधार है। ये बैंक अगर दूसरी कंपनी परिचालन के लिए लाना चाहें तो ला सकते हैं। जब बैंक दूसरी कंपनी को लाने में असमर्थता जताएंगे और डीएमआरसी से ऑपरेशन के लिए कहेंगे, तब घाटा कम करने के लिए प्रॉपर्टी डेवलपमेंट बढ़ाने, किराया बढ़ाने या घटाने समेत तमाम मुद्दों पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
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अभी चार करोड़ का घाटा पाटने का प्लान नहीं
परिचालन में मासिक सात करोड़ रुपये का खर्च एयरपोर्ट मेट्रो कॉरिडोर पर परिचालन में आता है। राजस्व 3 करोड़ रुपये मिलता है। ऐसे में मासिक चार करोड़ रुपये का औसत घाटा है। अभी घाटा पाटने का कोई प्लान नहीं बनाया है।
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-शरत शर्मा, निदेशक (ऑपरेशन), डीएमआरसी।
आर्बिट्रेशन में हैं दोनों पक्ष
एयरपोर्ट लाइन परिचालन कंपनी का कर्ज चुकाने या हिस्सेदारी देने के मामले के तहत निपटाया जाएगा। दोनों पक्ष आर्बिट्रेशन में हैं। जो कुछ तय होगा, वहीं से तय होगा।
-शीला दीक्षित, मुख्यमंत्री दिल्ली।
स्पीड बढ़ाने की है चुनौती
नई दिल्ली से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट महज 16 मिनट में पहुंचाने का दावा निर्माण के समय किया गया था। डिजाइन स्पीड 130 किमी थी, जिस पर 105 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने की योजना थी। लेकिन कुछ ही दिन में ट्रेन की स्पीड धीरे-धीरे घटाई गई। स्थिति इतनी खराब हुई कि 55 किमी की स्पीड से हाईस्पीड ट्रेन चली। यात्रियों को रफ्तार के नाम पर अधिक किराया वसूलने के बावजूद धीमी गति से एयरपोर्ट पहुंचाया गया। वर्तमान में 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने का दावा डीएमआरसी कर रही है। स्पीड कब बढ़ेगी इस पर डीएमआरसी के निदेशक ऑपरेशन शरत शर्मा कुछ कह पाने में असमर्थता जता रहे हैं।
रिलायंस इंफ्रा पर लग चुका है 60.37 करोड़ जुर्माना
डीएमआरसी ने रिलायंस इंफ्रा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लिमिटेड पर परिचालन देरी से शुरू करने के लिए 60.37 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार कई स्तर पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अब देखना है कि उसके तहत परिचालन से हाथ खींचने पर कितना जुर्माना लगाया जाता है।
शुरुआत से ही दिक्कतों में उलझी है एयरपोर्ट लाइन
डीएमआरसी ने एयरपोर्ट हाईस्पीड मेट्रो कॉरिडोर निर्माण पूरा करने और परिचालन पूर्ण रूप से शुरू करने का लक्ष्य 30 सितंबर 2010 रखा था, लेकिन निर्माण पूरा होने के बावजूद 23 फरवरी 2011 को परिचालन शुरू किया जा सका। वह भी चेकइन सुविधा प्रारंभ में नहीं दी जा सकी। इतना ही नहीं धौलाकुआं और एरोसिटी मेट्रो स्टेशन पब्लिक के लिए नहीं खोला गया। प्रतिघंटा 135 की स्पीड पर डिजाइन कॉरिडोर की शुरुआत 105 किमी प्रतिघंटा पर करने की घोषणा हुई, लेकिन उस स्पीड से भी मेट्रो नहीं दौड़ सकी। हालात यह रहे कि धीरे-धीरे घुमाव पर धौलकुआं के पास स्पीड 50 किमी प्रतिघंटा से भी नीचे आ गई। दिक्कत इतनी बढ़ी कि महज एक वर्ष चार माह में ही परिचालन बंद करना पड़ा, जो काफी जद्दोजहद के बाद शुरू हो सका।
कौन-कौन से हैं स्टेशन
नई दिल्ली, शिवाजी टर्मिनल, धौलाकुआं, दिल्ली एयरोसिटी (एनएच-8), आईजीआई और द्वारका सेक्टर-21