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पदयात्रियों का सैलाब आज पहुंचेगा दिल्ली
New Delhi
Updated Sun, 10 Mar 2013 05:30 AM IST
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नई दिल्ली। हजारों लोगों के काफिले और सैकड़ों ट्रैक्टर के साथ रविवार दोपहर ‘यमुना बचाओ अभियान पदयात्रा’ दिल्ली में दाखिल होगी। पदयात्रा में शामिल यमुना समर्थकाें, किसानों और साधु-संतों का पहला पड़ाव बदरपुर में होगा। सोमवार को रामलीला मैदान तक आंदोलनकारी पहुंचेंगे। उसके बाद संसद मार्च की तैयारी है।
यमुना रक्षक दल ने सरिता विहार में रात्रि पड़ाव रखने का विचार बनाया था, लेकिन ऐन वक्त पर इसे बदलकर बदरपुर कर दिया गया। इसकी वजह सरिता विहार में ठहरने की व्यवस्था का अभाव बताया जा रहा है। पदयात्रा में सैकड़ाें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं, जो मथुरा से ही साथ चल रहे हैं। यमुना रक्षक दल से मिली सूचना के मुताबिक, देर शाम पुलिस की ओर से दिल्ली के रामलीला मैदान में आंदोलन की अनुमति दे दी गई है। इसके बाद यमुना मुक्ति समर्थकों में इस बात को लेकर गहन मंत्रणा चली कि बदरपुर से सीधे संसद मार्ग पहुंचा जाए या रामलीला मैदान। समाचार लिखे जाने तक रामलीला मैदान का रूट तय नहीं हो सका है। हालांकि, इस बात की अधिक संभावना है कि रामलीला मैदान पहुंचने के बाद आंदोलनकारी संसद मार्च करेंगे। जंतर-मंतर पर आंदोलन की अनुमति न मिलने से यमुना मुक्ति आंदोलनकारियों को रामलीला मैदान में आंदोलन करने का निर्णय लेना पड़ा है।
यमुना रक्षक दल के अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास बरसाना ने बताया कि यमुना मुक्ति के लिए सीधे संसद मार्ग पहुंचने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस से अनुमति न मिलने की वजह से रामलीला मैदान में आंदोलन किया जाएगा। पुलिस ने जंतर-मंतर के बजाय रामलीला मैदान में आंदोलन की अनुमति दी है। यहीं से संसद मार्च किया जाएगा।
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यमुना रक्षक दल ने सरिता विहार में रात्रि पड़ाव रखने का विचार बनाया था, लेकिन ऐन वक्त पर इसे बदलकर बदरपुर कर दिया गया। इसकी वजह सरिता विहार में ठहरने की व्यवस्था का अभाव बताया जा रहा है। पदयात्रा में सैकड़ाें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं, जो मथुरा से ही साथ चल रहे हैं। यमुना रक्षक दल से मिली सूचना के मुताबिक, देर शाम पुलिस की ओर से दिल्ली के रामलीला मैदान में आंदोलन की अनुमति दे दी गई है। इसके बाद यमुना मुक्ति समर्थकों में इस बात को लेकर गहन मंत्रणा चली कि बदरपुर से सीधे संसद मार्ग पहुंचा जाए या रामलीला मैदान। समाचार लिखे जाने तक रामलीला मैदान का रूट तय नहीं हो सका है। हालांकि, इस बात की अधिक संभावना है कि रामलीला मैदान पहुंचने के बाद आंदोलनकारी संसद मार्च करेंगे। जंतर-मंतर पर आंदोलन की अनुमति न मिलने से यमुना मुक्ति आंदोलनकारियों को रामलीला मैदान में आंदोलन करने का निर्णय लेना पड़ा है।
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यमुना रक्षक दल के अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास बरसाना ने बताया कि यमुना मुक्ति के लिए सीधे संसद मार्ग पहुंचने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस से अनुमति न मिलने की वजह से रामलीला मैदान में आंदोलन किया जाएगा। पुलिस ने जंतर-मंतर के बजाय रामलीला मैदान में आंदोलन की अनुमति दी है। यहीं से संसद मार्च किया जाएगा।
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