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ड्रग तस्करी मुद्दे पर चुप रहे सीपी
New Delhi
Updated Sat, 19 Jan 2013 05:30 AM IST
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की वार्षिक प्रेस वार्ता में पुलिस आयुक्त (सीपी) नीरज कुमार ने अपने महकमे की उपलब्धियां गिनवाईं और अफसरों की पीठ थपथपाई, लेकिन ड्रग तस्करी और साइबर क्राइम जैसे मुद्दों पर चुप रहे। राजधानी के साकेत, मालवीय नगर व उत्तम नगर इलाकों में पिछले कई सालों से काफी संख्या में नाइजीरियाई नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। उत्तम नगर व नवादा इलाके में नाइजीरियन खुलेआम घूमते मिल जाएंगे। इन्होंने अपना मुख्य धंधा मादक द्रव्यों की तस्करी व साइबर क्राइम को बना रखा है, लेकिन पुलिस इनकी कम ही सुध लेती है। सूत्रों की मानें तो ड्रग की तस्करी के लिए यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस व उसके आसपास के इलाकों में इनका नेटवर्क फैला हुआ है। ये लोग उत्तम नगर से लेकर साउथ कैंपस, मुनिरका, साकेत तक फैले हैं और छात्रों को ड्रग सप्लाई करते हैं। इन आरोपों की पुष्टि एयरपोर्ट से ड्रग के साथ नाइजीरियन की गिरफ्तारी से भी होती है। पिछले दिनों सीआईएसएफ ने आईजीआई से सात करोड़ की हेरोइन के साथ उसे गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस के आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं। नाइजीरियाई नागरिक साइबर क्राइम में भी पीछे नहीं है। ऑनलाइन लाटरी व इनामी एसएमएस के जाल में फंसाकर ये दिल्लीवासियों को हर साल लाखों का चूना लगाते हैं। पिछले दिनों सीबीआई की टीम ने साकेत इलाके से एक नाइजीरियन को साइबर क्राइम के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। इसके अलावा तीस हजारी अदालत में ऐसे दर्जनों मामले चल रहे हैं, जिनमें नाइजीरियाई नागरिक सीधे तौर पर लिप्त हैं।
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