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अब सौ होंगी पीसीआर की लाइनें
New Delhi
Updated Sat, 19 Jan 2013 05:30 AM IST
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नई दिल्ली। आपकी कॉल प्रतीक्षा में है, कृपया लाइन पर बने रहें...। पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को कॉल करने पर अब यह आवाज शायद ही सुनने को मिलेगी। सालाना प्रेसवार्ता में पुलिस आयुक्त ने पुलिस नियंत्रण कक्ष (100 नंबर) की लाइनें 60 से बढ़ाकर 100 करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 100 नंबर पर फोन करने वाले लोगों को कॉल मिलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें जल्द से जल्द मदद मिल पाएगी। दूसरी ओर महिला और चाइल्ड हेल्पलाइन की संख्या भी 4 से बढ़ाकर 10 कर दी गई हैं।
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बसों में जीपीएस सिस्टम लगाने की सिफारिश
नई दिल्ली। पुलिस आयुक्त ने बताया कि बसों में बढ़ते अपराधों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने डीटीसी और क्लस्टर बसों में जीपीएस सिस्टम लगाने की सिफारिश की है। इसकी मदद से बसों की लोकेशन पता करने में पुलिस को आसानी होगी। वहीं जिन बसों में कंपनी से ही काले शीशे लगे आ रहे हैं, उन बसों के खिलाफ कार्रवाई करने में दिल्ली पुलिस को परेशानी हो रही है। पुलिस ने सरकार को पत्र लिखकर ऐसी बसों में कंपनी द्वारा पारदर्शी शीशे लगाने की सिफारिश की है।
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अपराधियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड
नई दिल्ली। सालाना प्रेसवार्ता में दिल्ली पुलिस आयुक्तनीरज कुमार ने बताया कि बदमाशों की पहचान के लिए अपराधियों की जानकारी को ऑनलाइन किया गया है। दिल्ली पुलिस की इस साइट में अपराधियों की बायोमैट्रिक जानकारियां होंगी। ऐसी स्थिति में किसी भी वारदात के बाद बदमाशों की पहचान करना आसान होगा। किसी भी केस का जांच अधिकारी बस एक क्लिक पर अपराधियों की जानकारी हासिल कर सकेगा। इस साइट में इलाके के बीसी व अन्य डोजियर भी होंगे।
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बसों में जीपीएस सिस्टम लगाने की सिफारिश
नई दिल्ली। पुलिस आयुक्त ने बताया कि बसों में बढ़ते अपराधों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने डीटीसी और क्लस्टर बसों में जीपीएस सिस्टम लगाने की सिफारिश की है। इसकी मदद से बसों की लोकेशन पता करने में पुलिस को आसानी होगी। वहीं जिन बसों में कंपनी से ही काले शीशे लगे आ रहे हैं, उन बसों के खिलाफ कार्रवाई करने में दिल्ली पुलिस को परेशानी हो रही है। पुलिस ने सरकार को पत्र लिखकर ऐसी बसों में कंपनी द्वारा पारदर्शी शीशे लगाने की सिफारिश की है।
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अपराधियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड
नई दिल्ली। सालाना प्रेसवार्ता में दिल्ली पुलिस आयुक्तनीरज कुमार ने बताया कि बदमाशों की पहचान के लिए अपराधियों की जानकारी को ऑनलाइन किया गया है। दिल्ली पुलिस की इस साइट में अपराधियों की बायोमैट्रिक जानकारियां होंगी। ऐसी स्थिति में किसी भी वारदात के बाद बदमाशों की पहचान करना आसान होगा। किसी भी केस का जांच अधिकारी बस एक क्लिक पर अपराधियों की जानकारी हासिल कर सकेगा। इस साइट में इलाके के बीसी व अन्य डोजियर भी होंगे।
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