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जॉस बनेगा नेत्रहीन छात्रों का राइटर
New Delhi
Updated Fri, 04 Jan 2013 05:30 AM IST
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नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में नेत्रहीन छात्रों का सहायक जॉस (जॉब एक्सेस विद स्पीच) बनेगा। सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं में ऐसे छात्रों को इसके इस्तेमाल की छूट दे दी है। परीक्षा मेें अगर कोई नेत्रहीन छात्र इसका इस्तेमाल करना चाहता है तो इसके लिए उसे पहले से इजाजत लेनी होगी। जॉस का इस्तेमाल करने करने वाले छात्रों को राइटर की सुविधा नहीं मिलेगी।
सीबीएसई की परीक्षा कमेटी के जॉस का इस्तेमाल करने की छूट के प्रस्ताव को सीबीएसई की गवर्निंग बॉडी ने भी पास कर दिया है। मार्च में होने वाली परीक्षा में बैठ रहे छात्र इसका लाभ उठा सकते हैं। जॉस (जॉब एक्सेस विद स्पीच) माइक्रोसॉफ्ट विंडो के लिए कंप्यूटर स्क्रीन रीडर प्रोग्राम होता है। बोर्ड की परीक्षाओं में अगर कोई छात्र इसका इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे अपने कंप्यूटर में जॉस सॉफ्टवेयर लाना होगा। इसके इस्तेमाल के लिए बोर्ड से पूर्व अनुमति भी लेनी पड़ेगी। जो छात्र को इसका इस्तेमाल करेंगे, उनका परीक्षा केंद्र भी सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय वाले शहर में ही बनाया जाएगा। सीबीएसई ने सेंटर प्रमुख से कहेगा कि वह जॉस का इस्तेमाल करने वाले छात्रों के लिए कंप्यूटर साइंस शिक्षक को सहायक के तौर पर नियुक्त करें। सहायक इस बात की निगरानी रखेगा कि छात्र कंप्यूटर के किसी अन्य प्रोग्राम का इस्तेमाल न करे। बता दें कि जॉस का इस्तेमाल न करने वाले छात्रों को अब तक दी जा रही छूट मिलती रहेगी।
छात्रों को जॉस इंस्टॉल किया हुआ कंप्यूटर मिलेगा। परीक्षा सहायक पूछे जाने वाले सवाल पढ़कर सुना देगा। छात्र को कंप्यूटर पर सवालों के जवाब टाइप करने होंगे। जॉस सिस्टम पर सुविधा होगी कि छात्र ने जो टाइप किया है, उसे कंप्यूटर बोलकर सुना देगा। इससे छात्र को यह पता चल जाएगा कि उसे जो उत्तर देना था, वह ठीक है या नहीं। इस तरह से अब नेत्रहीन छात्रों को राइटर के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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सीबीएसई की परीक्षा कमेटी के जॉस का इस्तेमाल करने की छूट के प्रस्ताव को सीबीएसई की गवर्निंग बॉडी ने भी पास कर दिया है। मार्च में होने वाली परीक्षा में बैठ रहे छात्र इसका लाभ उठा सकते हैं। जॉस (जॉब एक्सेस विद स्पीच) माइक्रोसॉफ्ट विंडो के लिए कंप्यूटर स्क्रीन रीडर प्रोग्राम होता है। बोर्ड की परीक्षाओं में अगर कोई छात्र इसका इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे अपने कंप्यूटर में जॉस सॉफ्टवेयर लाना होगा। इसके इस्तेमाल के लिए बोर्ड से पूर्व अनुमति भी लेनी पड़ेगी। जो छात्र को इसका इस्तेमाल करेंगे, उनका परीक्षा केंद्र भी सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय वाले शहर में ही बनाया जाएगा। सीबीएसई ने सेंटर प्रमुख से कहेगा कि वह जॉस का इस्तेमाल करने वाले छात्रों के लिए कंप्यूटर साइंस शिक्षक को सहायक के तौर पर नियुक्त करें। सहायक इस बात की निगरानी रखेगा कि छात्र कंप्यूटर के किसी अन्य प्रोग्राम का इस्तेमाल न करे। बता दें कि जॉस का इस्तेमाल न करने वाले छात्रों को अब तक दी जा रही छूट मिलती रहेगी।
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छात्रों को जॉस इंस्टॉल किया हुआ कंप्यूटर मिलेगा। परीक्षा सहायक पूछे जाने वाले सवाल पढ़कर सुना देगा। छात्र को कंप्यूटर पर सवालों के जवाब टाइप करने होंगे। जॉस सिस्टम पर सुविधा होगी कि छात्र ने जो टाइप किया है, उसे कंप्यूटर बोलकर सुना देगा। इससे छात्र को यह पता चल जाएगा कि उसे जो उत्तर देना था, वह ठीक है या नहीं। इस तरह से अब नेत्रहीन छात्रों को राइटर के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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