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मां-बेटी की हत्या कर लगा दी थी आग
New Delhi
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। राजौरी गार्डन इलाके में बुजुर्ग महिला और उसकी बेटी की हत्या करने के बाद उनके शव को जलाया गया था। इस बात का खुलासा पुलिस की गिरफ्त में आए बुजुर्ग महिला के बेटे के दोस्त ने किया। लूटपाट का विरोध करने पर उसने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने उसके कब्जे से बुजुर्ग महिला का सोने का कड़ा बरामद किया है। आरोपी सुभाष नगर स्थित गुरुद्वारे में बतौर सेवादार काम करता था।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त वी रंगनाथन नेे बताया कि 6 नवंबर की शाम राजौरी गार्डन के एक मकान में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने एक कमरे से दो महिलाओं की अधजले शव बरामद किए थे। इनकी पहचान स्वर्ण कौर (78) और उसकी तलाकशुदा बेटी बलवीर कौर (48) के रूप में हुई। स्वर्ण कौर बेटी और दो बेटों दयाल सिंह और देवेंद्र सिंह के साथ रहती थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक शवों को आग के हवाले करने से पहले उनकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि स्वर्ण कौर के हाथ से सोने के कड़े और घर से हजारों रुपये गायब हैं। पुलिस ने पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज को खंगाला। इसके बाद इनके घर आने वाले दर्शन सिंह (45) को शक के दायरे में लिया। दर्शन स्वर्ण सिंह का बेटा देवेंद्र का दोस्त था। देवेंद्र भी गुरुद्वारे में सेवादार का काम करता था। पूछताछ के दौरान दर्शन में मां-बेटी की हत्या की बात कबूल ली। उसने बताया कि घटना वाले दिन वह स्वर्ण कौर से दो हजार रुपये उधार लेने गया था। रुपये देने के दौरान बॉक्स में ज्यादा रुपये देखकर उसे लालच आ गया। उसने स्वर्ण कौर की गला दबाकर हत्या करने के बाद रुपये और कंगन लूट लिए। इसी दौरान शोर सुनकर उसकी बेटी बलवीर आ गई। दर्शन ने उसकी भी हत्या कर दी और इसके बाद दोनों शवों पर सरसों का तेल डालकर आग लगा दी।
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अतिरिक्त पुलिस आयुक्त वी रंगनाथन नेे बताया कि 6 नवंबर की शाम राजौरी गार्डन के एक मकान में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने एक कमरे से दो महिलाओं की अधजले शव बरामद किए थे। इनकी पहचान स्वर्ण कौर (78) और उसकी तलाकशुदा बेटी बलवीर कौर (48) के रूप में हुई। स्वर्ण कौर बेटी और दो बेटों दयाल सिंह और देवेंद्र सिंह के साथ रहती थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक शवों को आग के हवाले करने से पहले उनकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि स्वर्ण कौर के हाथ से सोने के कड़े और घर से हजारों रुपये गायब हैं। पुलिस ने पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज को खंगाला। इसके बाद इनके घर आने वाले दर्शन सिंह (45) को शक के दायरे में लिया। दर्शन स्वर्ण सिंह का बेटा देवेंद्र का दोस्त था। देवेंद्र भी गुरुद्वारे में सेवादार का काम करता था। पूछताछ के दौरान दर्शन में मां-बेटी की हत्या की बात कबूल ली। उसने बताया कि घटना वाले दिन वह स्वर्ण कौर से दो हजार रुपये उधार लेने गया था। रुपये देने के दौरान बॉक्स में ज्यादा रुपये देखकर उसे लालच आ गया। उसने स्वर्ण कौर की गला दबाकर हत्या करने के बाद रुपये और कंगन लूट लिए। इसी दौरान शोर सुनकर उसकी बेटी बलवीर आ गई। दर्शन ने उसकी भी हत्या कर दी और इसके बाद दोनों शवों पर सरसों का तेल डालकर आग लगा दी।
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