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सहकारी सोसाइटी में नई एजेंसी कराएगी चुनाव
New Delhi
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सहकारिता एक्ट में बदलाव किया है। अगर दिल्ली सरकार इसमें कोई संशोधन नहीं करती तो आगामी फरवरी से नए नियम लागू हो जाएंगे। यह जानकारी 59वें सहकारिता वर्ष के मौके पर आईपैक्स में सहकारी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी सम्मेलन में दिल्ली स्टेट कोऑपरेटिव यूनियन के सचिव पीएम शर्मा ने दी। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटी के डिप्टी रजिस्ट्रार जीएस अग्रवाल, महासंघ के अध्यक्ष सुरेश बिंदल, महामंत्री मदन खत्री समेत 69 सोसाइटी के 150 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
पीएम शर्मा ने बताया कि नए बदलावों से ऐसी सहकारी संस्थाओं में प्रशासक नहीं होंगे, जिसमें सरकारी पैसा नहीं लगा है। वहीं 21 सदस्यीय कार्यसमिति में एक सीट एससी/एसटी और दो महिलाओं के लिए आरक्षित होगी। इसके अलावा कार्यसमिति में 50 फीसदी स्थान खाली होने पर मध्यावधि चुनाव होगा। वहीं संख्या 50 फीसदी से कम होने पर खाली स्थान कार्यसमिति भर सकती है, लेकिन ऐसे सदस्यों को कोई पद नहीं सौंपा जाएगा। समिति का कार्यकाल तीन से बढ़ाकर चार वर्ष कर दिया गया है। साथ ही सोसायटी में ऑडिटर की नियुक्ति कार्यसमिति की जगह अब साधारण सभा करेगी। सोसाइटी का चुनाव स्वतंत्र एजेंसी से करवाया जाएगा।
महामंत्री मदन खत्री ने बताया कि मास्टर प्लान-2021 के नियमों के अनुसार, सोसायटी के रि-डेवलपमेंट प्लान तैयार है। इसमें हर फ्लैट पर तीन वाहनों की पार्किंग होगी। पानी की दो लाइन होगी। वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट और वाटर हार्वेस्टिंग प्लान लगाया जाएगा। महासंघ के प्रधान सुरेश बिंदल ने बताया कि सहकारिता विभाग सिटीजन चार्टर का पालन नहीं करता है, जबकि सहकारिता में ही भारतीय संस्कृति की झलक मिलती है।
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पीएम शर्मा ने बताया कि नए बदलावों से ऐसी सहकारी संस्थाओं में प्रशासक नहीं होंगे, जिसमें सरकारी पैसा नहीं लगा है। वहीं 21 सदस्यीय कार्यसमिति में एक सीट एससी/एसटी और दो महिलाओं के लिए आरक्षित होगी। इसके अलावा कार्यसमिति में 50 फीसदी स्थान खाली होने पर मध्यावधि चुनाव होगा। वहीं संख्या 50 फीसदी से कम होने पर खाली स्थान कार्यसमिति भर सकती है, लेकिन ऐसे सदस्यों को कोई पद नहीं सौंपा जाएगा। समिति का कार्यकाल तीन से बढ़ाकर चार वर्ष कर दिया गया है। साथ ही सोसायटी में ऑडिटर की नियुक्ति कार्यसमिति की जगह अब साधारण सभा करेगी। सोसाइटी का चुनाव स्वतंत्र एजेंसी से करवाया जाएगा।
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महामंत्री मदन खत्री ने बताया कि मास्टर प्लान-2021 के नियमों के अनुसार, सोसायटी के रि-डेवलपमेंट प्लान तैयार है। इसमें हर फ्लैट पर तीन वाहनों की पार्किंग होगी। पानी की दो लाइन होगी। वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट और वाटर हार्वेस्टिंग प्लान लगाया जाएगा। महासंघ के प्रधान सुरेश बिंदल ने बताया कि सहकारिता विभाग सिटीजन चार्टर का पालन नहीं करता है, जबकि सहकारिता में ही भारतीय संस्कृति की झलक मिलती है।
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