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शिअद कमेटी अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोप

Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
New Delhi
New Delhi Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। शिरोमणि अकाली दल बादल ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना व उसके सहयोगियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा इन्हीं भ्रष्टाचार के आरोपों को दबाने के लिए सरना गुट ने बृहस्पतिवार को उनके सदस्यों पर कातिलाना हमला करवाया।
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बादल अकाली दल के दिल्ली प्रभारी बी.एस. रामूवालिया के नेतृत्व में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सभी अकाली नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके गुट के सदस्य कमेटी महासचिव गुरमीत सिंह शंटी द्वारा जारी पत्र के आधार पर कमेटी गए थे। उन्होंने सरना ने भी अपनी सहमति जताई थी ताकि जब उनके सदस्य वहां पहुंचें तो उनकी हत्या करवा दी जाए।
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महासचिव को पत्र जारी करने का अधिकार है या नहीं इस मुद्दे पर तो उन्होंने चुप्पी साध ली, मगर इतना जरूर कहा सरना व उसके सहयोगियों जिनमें गुरमीत सिंह शंटी भी शामिल है, सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाएं गए हैं। साकेत, पटियाला हाउस व हाईकोर्ट मे केस लंबित हैं और इन्हीं मुकदमों से लोगों का ध्यान बंटवाने के लिए सरना ने यह षड्यंत्र रचा व सेवादारों के जरिए दंगा करवाया।
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आरोप लगाया कि गुरुद्वारा बाला साहिब की भूमि बीएस कपूर अस्पताल को देने में काफी बड़ा घोटाला हुआ है और हम किसी भी हालत में किसी भी व्यक्ति को गुरुद्वारों की भूमि देने नहीं देंगे। इस अवसर पर आेंकार सिंह थापर, कुलदीप सिंह भोगल, मनजीत सिंह सिरसा इत्यादि भी मौजूद थे।
सभी ने एक स्वर में कहा भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करने का ऐलान करते हुए सरकार से कमेटी के चुनाव 31 दिसंबर से पहले करवाने, उनके दल के सदस्यों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने, दंगा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इतना ही नहीं सरकार को सिखों के मामलों में हस्तक्षेप न करने की सलाह दी है।


प्रेस वार्ता का बहिष्कार
बादल अकाली दल ने बृहस्पतिवार को गुरुद्वारा रकाबगंज में हुई झड़प पर अपना पक्ष रखने के लिए संवाददाता सम्मेलन का अयोजन किया था। प्रेस वार्ता शुरू होने से पहले प्रेस विज्ञप्ति में नाम न होने पर पार्षद जितेंद्र सिंह शंटी व डिंपल चड्ढा भड़क उठे। उन्होंने नाम न होने पर आपत्ति जताते हुए कहा जब उन्हें आमंत्रित किया गया है तो उनका नाम क्यों नहीं। इसी बात को लेकर मतभेद हो गए और गालीगलौच शुरू हो गई। इसके बाद दोनों ने प्रेस वार्ता का बहिष्कार कर दिया।
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