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खुदरा व्यापार में एफडीआई को लेकर प्रदर्शन कल
New Delhi
Updated Thu, 11 Oct 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के विरोध में अब भारतीय मजदूर संघ ने भी स्वर तेज कर दिया है। शुक्रवार को अपनी आवाज बुलंद करने बड़ी संख्या में मजदूर दिल्ली पहुंच रहे हैं। मजदूर संघ ने शुक्रवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। वहीं बृहस्पतिवार को भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में डेढ़ दर्जन से अधिक राज्यों के व्यापारी इस मसले को लेकर बैठक कर रहे हैं। जहां आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री वैजनाथ राय ने बताया कि सरकार के इस फैसले का असर न केवल व्यापारी वर्ग बल्कि मजदूरों पर भी पड़ेगा। व्यापार से जुड़े लाखों मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। शुक्रवार को देश भर के मजदूर जंतर मंतर पर जुटकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। उधर, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने कहा है कि केंद्र सरकार भ्रामक प्रचार के दम पर खुदरा व्यापार में एफडीआई को लागू करना चाहती है। लेकिन देश का व्यापारी वर्ग, किसान व उपभोक्ता इसे लागू नहीं होने देंगे। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री विजय प्रकाश जैन ने कहा कि बृहस्पतिवार को देशभर के व्यापारी नेता दिल्ली में जमा होकर अपने आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष कैलाश गुप्ता का कहना है कि सरकार के इस फैसले से लाखों लोगों का रोजगार खत्म हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार व्यापारियों पर जबरन ऑनलाइन प्रक्रिया को थोप रही है, जबकि 80 प्रतिशत व्यापारी वर्ग कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं है।
टी-2 फॉर्म के लिए व्यापारियों को दस दिन की छूट
नई दिल्ली। दिल्ली के व्यापारियों को टी-2 फार्म को ऑनलाइन भरने की अनिवार्यता में दस दिनों की छूट दिल्ली सरकार ने दे दी है। इस मुद्दे को लेकर बुधवार को दिल्ली सरकार के अधिकारी और व्यापारियों की बैठक हुई। जहां व्यापारियों ने 15 अक्तूबर से शुरू होने वाली ऑनलाइन प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं से अवगत कराया। वहीं वित्त व वैट विभाग अधिकारियों ने इसके फायदे गिनवाए। यह भी साफ किया कि जो दिक्कतें दिखाई दे रही हैं उसे समझने के लिए दस दिन का वक्त दिया जा रहा है।
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बैठक में सरकार की तरफ से वैट आयुक्त, वित्त सचिव, प्रधान सचिव आदि शामिल हुए। बैठक में व्यापारी वर्ग की तरफ से प्रतिनिधित्व करने वाले अजय अरोड़ा ने व्यापारियों की तरफ से पक्ष रखते हुए बताया कि टी-2 फॉर्म को ऑनलाइन भरने के लिए दिल्ली के व्यापारी कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं है। लिहाजा ऑनलाइन जानकारी देने में परेशानी होगी। इसलिए इसकी अवधि को आगे किया जाए।
बैठक के बाद दस दिन की छूट व्यापारियों को देने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से टैक्स की चोरी पर लगाम लगेगा। चोरी रोकने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया कारगर कदम होगा। इसलिए 25 अक्तूबर से इसे अनिवार्य कर दिया जाएगा। अगर व्यापारी ऐसा नही करते हैं तो उनपर कड़ी करवाई का निर्देश दिया जाएगा। वैट विभाग 40 प्रतिशत पेनाल्टी के साथ ही 12.5 प्रतिशत अलग से टैक्स भी वसूलेगा।
भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री वैजनाथ राय ने बताया कि सरकार के इस फैसले का असर न केवल व्यापारी वर्ग बल्कि मजदूरों पर भी पड़ेगा। व्यापार से जुड़े लाखों मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। शुक्रवार को देश भर के मजदूर जंतर मंतर पर जुटकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। उधर, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने कहा है कि केंद्र सरकार भ्रामक प्रचार के दम पर खुदरा व्यापार में एफडीआई को लागू करना चाहती है। लेकिन देश का व्यापारी वर्ग, किसान व उपभोक्ता इसे लागू नहीं होने देंगे। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री विजय प्रकाश जैन ने कहा कि बृहस्पतिवार को देशभर के व्यापारी नेता दिल्ली में जमा होकर अपने आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष कैलाश गुप्ता का कहना है कि सरकार के इस फैसले से लाखों लोगों का रोजगार खत्म हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार व्यापारियों पर जबरन ऑनलाइन प्रक्रिया को थोप रही है, जबकि 80 प्रतिशत व्यापारी वर्ग कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं है।
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टी-2 फॉर्म के लिए व्यापारियों को दस दिन की छूट
नई दिल्ली। दिल्ली के व्यापारियों को टी-2 फार्म को ऑनलाइन भरने की अनिवार्यता में दस दिनों की छूट दिल्ली सरकार ने दे दी है। इस मुद्दे को लेकर बुधवार को दिल्ली सरकार के अधिकारी और व्यापारियों की बैठक हुई। जहां व्यापारियों ने 15 अक्तूबर से शुरू होने वाली ऑनलाइन प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं से अवगत कराया। वहीं वित्त व वैट विभाग अधिकारियों ने इसके फायदे गिनवाए। यह भी साफ किया कि जो दिक्कतें दिखाई दे रही हैं उसे समझने के लिए दस दिन का वक्त दिया जा रहा है।
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बैठक में सरकार की तरफ से वैट आयुक्त, वित्त सचिव, प्रधान सचिव आदि शामिल हुए। बैठक में व्यापारी वर्ग की तरफ से प्रतिनिधित्व करने वाले अजय अरोड़ा ने व्यापारियों की तरफ से पक्ष रखते हुए बताया कि टी-2 फॉर्म को ऑनलाइन भरने के लिए दिल्ली के व्यापारी कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं है। लिहाजा ऑनलाइन जानकारी देने में परेशानी होगी। इसलिए इसकी अवधि को आगे किया जाए।
बैठक के बाद दस दिन की छूट व्यापारियों को देने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से टैक्स की चोरी पर लगाम लगेगा। चोरी रोकने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया कारगर कदम होगा। इसलिए 25 अक्तूबर से इसे अनिवार्य कर दिया जाएगा। अगर व्यापारी ऐसा नही करते हैं तो उनपर कड़ी करवाई का निर्देश दिया जाएगा। वैट विभाग 40 प्रतिशत पेनाल्टी के साथ ही 12.5 प्रतिशत अलग से टैक्स भी वसूलेगा।