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नकल करके नीति बनाएगी साउथ एमसीडी
New Delhi
Updated Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। आय जुटाने के मामले में दूसरे नंबर का माने जाने वाला विभाग साउथ एमसीडी में फिसड्डी साबित हो रहा है। पार्किंग और विज्ञापन विभाग ने राजस्व जुटाने की योजनाएं ठप कर रखी है। हाल यह है कि अभी तक विभाग ने पार्किंग नीति बनाने की शुरुआत भी नहीं की है।
सूत्रों के अनुसार साउथ एमसीडी अन्य दो एमसीडी की पार्किंग नीति जारी होने का इंतजार कर रही है। वह उनकी नकल करके नीति बनाएगी। पार्किंग और विज्ञापन विभाग के प्रमुख अधिकारी इस ताक में हैं कि दोनों एमसीडी नीति बनाएं और आदेश की प्रति उन्हें दे दें, ताकि वह उन नीतियों को अपनी एमसीडी में भी लागू कर सकें।
इस रवैये के चलते साउथ एमसीडी के इन दोनों विभागों का राजस्व काफी कम हो गया है, जबकि हाउस टैक्स के बाद इन्हीं विभागों से सबसे अधिक राजस्व आता है। मामले को लेकर पिछले दिनों आयुक्त ने नाराजगी जताई थी। सदन की पिछली बैठक में पार्षदों ने भी आरोप लगाया था कि पार्किंग विभाग सही ढंग से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा था कि नई पार्किंग के टेंडर नहीं किए जा रहे हैं और अनेक स्थानों पर अवैध पार्किंग चल रही है। इसके चलते एमसीडी को भारी नुकसान हो रहा है।
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विज्ञापन विभाग की स्थिति भी पार्किंग विभाग जैसी ही है। एक एमसीडी के जमाने में विज्ञापन लगाने के लिए कई नई साइट के टेंडर हुए थे, लेकिन उन पर विज्ञापन लगाने की स्वीकृति नहीं दी जा रही है, जबकि कई जगह अवैध रूप से विज्ञापन के यूनीपोल लगे हुए हैं। इस बारे में मेयर सविता गुप्ता भी आयुक्त को शिकायत कर चुकी हैं और विभाग के प्रमुख पर सवाल उठा चुकी हैं।
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सूत्रों के अनुसार साउथ एमसीडी अन्य दो एमसीडी की पार्किंग नीति जारी होने का इंतजार कर रही है। वह उनकी नकल करके नीति बनाएगी। पार्किंग और विज्ञापन विभाग के प्रमुख अधिकारी इस ताक में हैं कि दोनों एमसीडी नीति बनाएं और आदेश की प्रति उन्हें दे दें, ताकि वह उन नीतियों को अपनी एमसीडी में भी लागू कर सकें।
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इस रवैये के चलते साउथ एमसीडी के इन दोनों विभागों का राजस्व काफी कम हो गया है, जबकि हाउस टैक्स के बाद इन्हीं विभागों से सबसे अधिक राजस्व आता है। मामले को लेकर पिछले दिनों आयुक्त ने नाराजगी जताई थी। सदन की पिछली बैठक में पार्षदों ने भी आरोप लगाया था कि पार्किंग विभाग सही ढंग से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा था कि नई पार्किंग के टेंडर नहीं किए जा रहे हैं और अनेक स्थानों पर अवैध पार्किंग चल रही है। इसके चलते एमसीडी को भारी नुकसान हो रहा है।
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विज्ञापन विभाग की स्थिति भी पार्किंग विभाग जैसी ही है। एक एमसीडी के जमाने में विज्ञापन लगाने के लिए कई नई साइट के टेंडर हुए थे, लेकिन उन पर विज्ञापन लगाने की स्वीकृति नहीं दी जा रही है, जबकि कई जगह अवैध रूप से विज्ञापन के यूनीपोल लगे हुए हैं। इस बारे में मेयर सविता गुप्ता भी आयुक्त को शिकायत कर चुकी हैं और विभाग के प्रमुख पर सवाल उठा चुकी हैं।