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दिल्ली: कारोबारी और उसके दोस्त की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या, शवों को बोरे में बंद कर ठिकाने लगाने की कोशिश
Fri, 23 Jul 2021 09:55 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Fri, 23 Jul 2021 09:55 PM IST
सार
पूछताछ में आरोपी कारोबारी ने खुलासा किया है कि उसने मृत कारोबारी से 20 लाख रुपये उधार लिए थे। इसे वापस करने का उस पर दवाब बनाया जा रहा था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अशोक विहार में गुरुवार रात एक केमिकल कारोबारी और उसके दोस्त की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने दोनों शव को बोरे में रखकर ठिकाने लगाने की कोशिश की। देर रात वजीराबाद इलाके में दोस्त का शव कारोबारी की कार से मिलने पर पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की।
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जांच में पता चला कि दोनों दोस्त एक रिश्तेदार संदीप जैन की बर्तन की फैक्ट्री में गए थे। शक होने पर पुलिस ने संदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने वजीरपुर के बर्तन कारोबारी व उसके दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के निशानदेही पर कारोबारी का शव आरोपी की फैक्टरी के लिफ्ट के पास से बरामद कर लिया।
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पूछताछ में आरोपी कारोबारी ने खुलासा किया है कि उसने मृत कारोबारी से 20 लाख रुपये उधार लिए थे। इसे वापस करने का उस पर दवाब बनाया जा रहा था। बार-बार की मांग से तंग होकर उसने साजिशन कारोबारी और उसके दोस्त को पैसे लेने के लिए अपनी फैक्टरी बुलाया और एक के बाद एक दोनों की हत्या कर दी।
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मृत कारोबारी की शिनाख्त रोहिणी सेक्टर तीन निवासी सुरेंद्र गुप्ता (36) और उसके दोस्त सेक्टर तीन रोहिणी निवासी अमित गोयल (35) के रूप में हुई है। सुरेंद्र गुप्ता का बवाना में केमिकल का गोदाम और वजीरपुर में बर्तन का कारोबार था। अमित उसके साथ ही काम करता था।
पुलिस ने संदीप जैन के साथ उसके दो कर्मचारी संजय और सुनील को मामले में आरोपी बनाया है। संदीप जैन मृत सुरेंद्र की पत्नी के भाई का बेटा है। सुरेंद्र के भाई ने बताया कि सुरेंद्र गुरुवार रात अपनी फॉरचूनर कार से अमित को लेकर वजीरपुर स्थित संदीप के फैक्टरी में गया था। देर रात तक वापस नहीं आने पर उनलोगों को चिंता होने लगी। दस बजे रात में सुरेंद के फोन पर उसकी पत्नी ने फोन किया। लेकिन उसका फोन बंद आ रहा था।
अमित से भी संपर्क नहीं हो पा रहा था। उसके बाद सुरेंद्र की पत्नी ने बताया कि सुरेंद्र को संदीप ने पैसे लेने के लिए वजीरपुर बुलाया था। सुरेंद्र के भाई अन्य लोगों को लेकर वजीरपुर में संदीप के फैक्टरी पर पहुंचे। फैक्टरी बंद था और वहां कोई मौजूद नहीं था। वहां से वापस आने के दौरान पुलिस ने फोन कर बताया कि सुरेंद्र की कार वजीराबाद में लावारिस खड़ी है। जिसमें एक बोरा रखा हुआ है। बोरे में शव हो सकता है।
उसके बाद सभी वजीराबाद पहुंचे। बोरे में अमित की लाश पड़ी थी। सुरेंद्र के भाई ने पुलिस को बताया कि उसके भाई को संदीप गोयल ने पैसे लेने के लिए बुलाया था। इस सूचना पर पुलिस ने संदीप को हिरासत में लिया और पूछताछ के दौरान हत्या का खुलासा हुआ।
दोनों दोस्तों की जय बीरू की जोड़ी थी
सुरेंद्र के भाई अश्वनी ने बताया कि सुरेंद्र और अमित की जोड़ी जय-बीरू की थी। दोनों बचपन के दोस्त थे और दोनों हरवक्त एक साथ रहते थे। अमित सुरेंद्र के काम में हाथ बंटाता था। सुरेंद्र की बवाना में अपने बेटे यश के नाम से केमिकल गोदाम था। दोनों शादीशुदा थे। सुरेंद्र की दो बेटी और एक बेटा है। जबकि अमित की शादी के छह साल हुए हैं, लेकिन उसका कोई बच्चा नहीं है।
अमित के पिता नरेश गोयल ने बताया कि अमित और सुरेंद्र एक साथ ही काम करते थे। वह उनके काम में कोई हस्तक्षेप नहीं करते थे। रात में अमित अपनी मां को फोन कर कहा था कि उसके लिए खाना बना दे। उसे घर आने में देर हो जाएगी। दो तीन साल पहले दोनों ने वजीरपुर में बत्र्तन का काम करना शुरू किया था। सुरेंद्र और आरोपी संदीप जैन एक दूसरे से सामान भी देते लेते थे। सुरेंद्र ने पिछले लॉकडाउन में कारोबार में मदद करने के लिए संदीप को 20 लाख उधार दिया था।
सुरेंद्र के भाई अश्वनी ने बताया कि सुरेंद्र और अमित की जोड़ी जय-बीरू की थी। दोनों बचपन के दोस्त थे और दोनों हरवक्त एक साथ रहते थे। अमित सुरेंद्र के काम में हाथ बंटाता था। सुरेंद्र की बवाना में अपने बेटे यश के नाम से केमिकल गोदाम था। दोनों शादीशुदा थे। सुरेंद्र की दो बेटी और एक बेटा है। जबकि अमित की शादी के छह साल हुए हैं, लेकिन उसका कोई बच्चा नहीं है।
अमित के पिता नरेश गोयल ने बताया कि अमित और सुरेंद्र एक साथ ही काम करते थे। वह उनके काम में कोई हस्तक्षेप नहीं करते थे। रात में अमित अपनी मां को फोन कर कहा था कि उसके लिए खाना बना दे। उसे घर आने में देर हो जाएगी। दो तीन साल पहले दोनों ने वजीरपुर में बत्र्तन का काम करना शुरू किया था। सुरेंद्र और आरोपी संदीप जैन एक दूसरे से सामान भी देते लेते थे। सुरेंद्र ने पिछले लॉकडाउन में कारोबार में मदद करने के लिए संदीप को 20 लाख उधार दिया था।
रात नौ बजे आरोपी ने पैसे लेने के बहाने सुरेंद्र को बुलाया था
जांच में पता चला कि सुरेंद्र अकसर संदीप को पैसा वापस करने के लिए कहता था। गुरुवार को भी उसने पैसे के लिए संदीप को फोन किया था। रात करीब सात बजे संदीप ने सुरेंद्र को फोन कर बताया कि वह नौ बजे तक आकर अपना पैसा ले जाए। यह बाद सुरेंद्र ने अपने दोस्त अमित को बताया और दोनों रोहिणी से वजीरपुर पहुंचे। अपनी फैक्टरी जाने के बाद दोनों संदीप के फैक्टरी में पहुंचे।
सुरेंद्र कार से उतरने के बाद संदीप के कार्यालय में चला गया। जबकि अमित कार में बैठा हुआ था। सुरेंद्र और आरोपी की कार्यालय में कहासुनी हुई। उसके बाद संदीप और उसके कर्मचारियों ने सुरेंद्र पर दराती और रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद सुरेंद्र के शव को आरोपियों ने लिफ्ट के पास रख दिया। काफी देर तक सुरेंद्र के वापस नहीं आने पर अमित भी उसके कार्यालय पहुंचा। जहां पहले से घात लगाए हमलावरों ने उसकी भी हत्या कर दी। उसके बाद आरोपी ने अमित के शव को भी बोरे में डाल दिया और उसके शव को कार में रखकर वजीराबाद के फ्लाई ओवर के पास कार को छोड़कर फरार हो गए।
परिवार ने कहा हत्या के पीछे पैसा नहीं
सुरेंद्र के भाई अश्वनी कहना है कि हत्या के पीछे संदीप नहीं बल्कि कोई और है। उन्हें संदीप के खुलासे पर यकीन नहीं है। उसने कहा कि सुरेंद्र और अमित छह फीट के और शरीर से मजबूत थे। ऐसे में सिर्फ तीन लोग उन्हें काबू कर हत्या नहीं कर सकते हैं। अश्वनी ने बताया कि संदीप सुरेंद्र के ससुराल पक्ष का रिश्तेदार था। उन्हें आशंका है कि इस हत्या के पीछे कोई बड़ी साजिश है। पुलिस को इन सभी पहलूओं पर जांच करनी चाहिए।
जांच में पता चला कि सुरेंद्र अकसर संदीप को पैसा वापस करने के लिए कहता था। गुरुवार को भी उसने पैसे के लिए संदीप को फोन किया था। रात करीब सात बजे संदीप ने सुरेंद्र को फोन कर बताया कि वह नौ बजे तक आकर अपना पैसा ले जाए। यह बाद सुरेंद्र ने अपने दोस्त अमित को बताया और दोनों रोहिणी से वजीरपुर पहुंचे। अपनी फैक्टरी जाने के बाद दोनों संदीप के फैक्टरी में पहुंचे।
सुरेंद्र कार से उतरने के बाद संदीप के कार्यालय में चला गया। जबकि अमित कार में बैठा हुआ था। सुरेंद्र और आरोपी की कार्यालय में कहासुनी हुई। उसके बाद संदीप और उसके कर्मचारियों ने सुरेंद्र पर दराती और रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद सुरेंद्र के शव को आरोपियों ने लिफ्ट के पास रख दिया। काफी देर तक सुरेंद्र के वापस नहीं आने पर अमित भी उसके कार्यालय पहुंचा। जहां पहले से घात लगाए हमलावरों ने उसकी भी हत्या कर दी। उसके बाद आरोपी ने अमित के शव को भी बोरे में डाल दिया और उसके शव को कार में रखकर वजीराबाद के फ्लाई ओवर के पास कार को छोड़कर फरार हो गए।
परिवार ने कहा हत्या के पीछे पैसा नहीं
सुरेंद्र के भाई अश्वनी कहना है कि हत्या के पीछे संदीप नहीं बल्कि कोई और है। उन्हें संदीप के खुलासे पर यकीन नहीं है। उसने कहा कि सुरेंद्र और अमित छह फीट के और शरीर से मजबूत थे। ऐसे में सिर्फ तीन लोग उन्हें काबू कर हत्या नहीं कर सकते हैं। अश्वनी ने बताया कि संदीप सुरेंद्र के ससुराल पक्ष का रिश्तेदार था। उन्हें आशंका है कि इस हत्या के पीछे कोई बड़ी साजिश है। पुलिस को इन सभी पहलूओं पर जांच करनी चाहिए।