Weather update : हिंद महासागर के कारण दिल्ली पर मॉनसून मेहरबान, आज भी हो सकती है तेज बारिश
समंदर में इस वक्त दो मौसमी चक्र सक्रिय हैं जो दिल्ली समेत उत्तर भारत में बारिश के लिए अनुकूल हैं।
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हिंद महासागर में पैदा हुई मौसमी हलचल इस बार राजधानी को सितंबर में भी तरबतर कर रही है। ऐसा कम ही होता है, जब जुलाई-अगस्त के बाद सितंबर में लगातार बारिश दर्ज की जाए। इसके लिए प्रमुख तौर पर हिंद महासागर में दो मौसमी परिस्थितियों को श्रेय दिया गया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 10 दिन तक दिल्ली में लगातार बारिश की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय हिंद महासागर में दो मौसमी परिस्थितियां सक्रिय हैं। इनको हिंद महासागर द्विध्रुव (इंडियन ओशन डाइपॉल) व मैडेन जूलियन ऑसीलेशन (एमजेओ) नाम से जाना जाता है। यह दिल्ली समेत उत्तर भारत की मानसूनी बारिश को प्रभावित कर रही हैं। इससे समूचे उत्तर भारत में सामान्य से अधिक वर्षा हो रही है। आने वाले दिनों में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि पिछले वर्षों के मुकाबले नया रिकॉर्ड भी स्थापित हो सकता है।
राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक राजेंद्र कुमार जेनामणि कहते हैं कि वर्तमान में हिंद महासागर में महासागर द्विध्रुव व मैडेन जूलियन ऑसीलेशन (एमजेओ) की स्थितियां बन रही हैं। आमतौर पर ये स्थितियां जुलाई-अगस्त में बनती हैं। इस बार ये दोनों एक साथ बन रही हैं। इस वजह से इसका असर सितंबर में भी देखने को मिल रहा है। एमजेओ हिंद महासागर के ऊपर से गुजरने के साथ तीसरे और चौथे चरण के बीच है। आमतौर पर यह आठ चरणों में होता है। हिंद महासागर में इसके 10-12 दिन तक सक्रिय रहने की संभावना है। ऐसे में समूचे मध्य भारत में इसका असर दिख रहा है। वहीं, 16 सितंबर के बाद एक बार फिर अच्छी बारिश की संभावना है।
मौसम की संस्था स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष व प्रमुख मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत कहते हैं कि हिंद महासागर में महासागर द्विध्रुव निगेटिव से सामान्य की ओर जा रहा है। यह भारत के मौसम पर प्रभाव डालता है। पहले यह निगेटिव स्तर पर बना हुआ था। इससे बारिश में उतार-चढ़ाव बना हुआ था। अब यह सामान्य स्तर की ओर है। यह भारत में मानसून को सक्रिय करता है और अधिक बारिश की संभावना रहती है। दूसरी ओर, एमजेओ भी बारिश के लिए जिम्मेदार है, जो इस समय हिंद महासागर से गुजर रहा है।
क्या होता है हिंद महासागर द्विध्रुव
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, हिंद महासागर के पूर्वी व पश्चिमी हिस्से के तापमान में फर्क आता रहता है। इसे हिंद महासागर द्विध्रुव कहते हैं। तुलनात्मक तौर पर जब महासागर का पूर्वी हिस्सा गरम होता है तो भारतीय प्रायद्वीप पर मानसून कमजोर होता है और ऑस्ट्रेलिया में ज्यादा बारिश होती है। पश्चिमी हिस्से के गरम होने से भारत में बारिश अच्छी होती है। इस वक्त हिंद महासागर के पूर्वी हिस्से की तुलना में पश्चिमी हिस्से का तापमान बढ़ रहा है। नतीजा दिल्ली समेत उत्तर भारत में बारिश हो रही है।
मैडेन जूलियन ऑसीलेशन
समुद्र के ऊपर की इस वायुमंडलीय घटना से वैश्विक स्तर पर मौसम प्रभावित होता है। हवा, बादल व उसके दबाव की मिलीजुली एमजेओ प्रणाली भूमध्य रेखा के साथ चलती है। जब यह कम समय के लिए हिंद महासागर के ऊपर होता है तो भारतीय उपमहाद्वीप में अच्छी बारिश होती है। वहीं, इसके प्रशांत महासागर के ऊपर शिफ्ट होने पर बारिश कम होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एमजेओ का चक्र जितना छोटा होता है, अच्छी बारिश की संभावना उतनी ही रहती है। चार महीने के भीतर यह हिंद महासागर के ऊपर से गुजरता है। इस समय इसके 10-12 दिन बने रहने की संभावना है।
राजधानी में इस बार मानसून
- दिल्ली में इस बार मानसून ने 13 जुलाई को दी दस्तक।
- आमतौर पर दिल्ली में 27 जून को दस्तक के बाद 10 जुलाई तक रहता है मानसून।
- 1 जून से लेकर 7 सितंबर तक कुल 641 मिमी हो चुकी है बारिश। इसका सामान्य आंकड़ा 517 मिमी है। यानी इस बार 24 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई है।
- जून में 65.5 मिमी सामान्य के मुकाबले कुल 34.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। जुलाई में 210.6 मिमी सामान्य के मुकाबले 507.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
- अगस्त में सामान्य 247 मिमी के मुकाबले 214.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
आज तेज बारिश की उम्मीद
मौसमी परिस्थितियों में हुए बदलाव की वजह से दिल्ली-एनसीआर में मानसून सक्रिय बना हुआ है। इस कड़ी में बुधवार से दिल्ली-एनसीआर में सप्ताह भर तक बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों के लिए बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इससे अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य के बराबर 33.7 व न्यूनतम तापमान सामान्य से एक अधिक 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने बुधवार के लिए शाम तक बारिश होने की उम्मीद जताई थी, लेकिन इसके विपरीत दिनभर जहां चिलचिलाती धूप से लोगों को बुरा हाल रहा। वहीं, शाम के समय उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिली। बीते 24 घंटों में हवा में नमी का स्तर 68 से 97 फीसदी तक रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक, बृहस्पतिवार से दिल्ली-एनसीआर का मौसम करवट लेने के लिए तैयार है। सुबह से बादल छाए रह सकते हैं और दोपहर तक तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। दिनभर बादल बरसने के कारण सूरज बादलों के पीछे ही छिपा रह सकता है। इससे अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार को दिल्ली में तेज बारिश हो सकती है। आगामी पांच दिनों के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक राजेंद्र जेनामणी के मुताबिक, अभी 10 दिनों तक बारिश की संभावना है। मौसमी परिस्थितियों में बदलाव की वजह से 16 सितंबर से दिल्ली समेत समूचे उत्तर भारत में बारिश की उम्मीद बनी हुई है।