फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Lawyers and police dispute in court , was not aware of arrest or surrender

वकील और पुलिस का कोर्ट में विवाद, पता ही नहीं गिरफ्तारी हुई थी या सरेंडर

Wed, 22 Jun 2016 01:30 AM IST
धीरज बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली
धीरज बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 22 Jun 2016 01:30 AM IST
विज्ञापन
Lawyers and police dispute in court , was not aware of arrest or surrender

दिल्ली के टॉप-10 बदमाशों की सूची में शुमार व मकाको के आरोपी ने सरेंडर किया या उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था! इस मुद्दे पर पुलिस व वकीलों के बीच मंगलवार को कोर्ट में तीखी बहस देखने को मिली। इस आरोपी का नाम कड़कड़डूमा फायरिंग मामले की जांच में भी सामने आया था।

विज्ञापन


पुलिस का कहना है कि मकोका के आरोपी जमाल उर्फ रांझा को गिरफ्तार किया गया है जबकि आरोपी व उसके वकीलों का दावा है कि उसने खुद सोमवार, 20 जून को सीलमपुर थाने में सरेंडर किया था।  कोर्ट ने बचाव पक्ष की अर्जी पर सुनवाई के बाद थाना सीलमपुर एसएचओ को संबंधित अदालत में 1 जुलाई को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


बता दें कि पुलिस ने जमाल को 2013 में मकोका मामले में आरोपी बनाया था। उसके अलावा वह हत्या व हत्या की कोशिश मामले में भी आरोपी था। इसके अलावा दिसंबर 2015 में कड़कड़डूमा कोर्ट रूम में फायरिंग मामले की जांच में भी जमाल का नाम सामने आया था। इन सभी मामलों में जमाल लंबे समय से फरार चल रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस अब जमाल को 1 जुलाई को पेश करेगी

Lawyers and police dispute in court , was not aware of arrest or surrender

कड़कड़डूमा अदालत की ड्यूटी एएसजे (अवकाशकालीन अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश) किरण बंसल ने आरोपी से पूछताछ के लिये पुलिस को 6 दिन का रिमांड दिया है। पुलिस अब जमाल को 1 जुलाई को कोर्ट में पेश करेगी।

सीलमपुर थाना पुलिस ने आरोपी को मंगलवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में ड्यूटी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किरण बंसल के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने जमाल से पूछताछ के लिये 12 दिन का रिमांड मांगा था। पुलिस ने अपनी अर्जी में कहा कि आरोपी मकोका समेत हत्या, हत्या की कोशिश समेत कई मामलों में वांटेड है। उसे सोमवार को गिरफ्तार किया गया है और क्राइम सिंडीकेट के बारे में पूछताछ करने के लिये पुलिस रिमांड दिया जाए।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता रीतेश बाहरी व एसएन खान ने पुलिस के दावे पर आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि मुवक्किल को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया बल्कि उसने खुद थाने जाकर 20 जून को सरेंडर किया था। इस बात की पुष्टि थाने में लगे सीसीटीवी फुुटेज से हो सकती है। इसलिए थाने में लगे सीसीटीवी की फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया जाए।

अदालत ने अर्जी पर सुनवाई के लिये एक जुलाई को संबंधित अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एसएचओ सीलमपुर को अपनी रिपोर्ट उसी दिन संबंधित अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed