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जम्मू-कश्मीर की आरजू को मिलेगा एम्स में इलाज
Fri, 21 Feb 2020 01:42 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 21 Feb 2020 01:42 AM IST
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- फोटो : file photo
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जम्मू-कश्मीर की आरजू को दिल्ली एम्स में उपचार मिल सकेगा। सात वर्षीय आरजू गोचर नामक दुर्लभ रोग से ग्रस्त है। एम्स में एन्जाइम रिप्लेसमेंट थैरेपी के जरिए उसका उपचार हो सकेगा।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार भारत में गोचर नामक दुर्लभ रोग से करीब एक लाख बच्चे पीड़ित हैं। इसके इलाज का सालाना खर्च भी करोड़ों रुपये में है। इसी के चलते आरजू के उपचार के लिए परिजन अस्पतालों में भटक रहे थे।
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हाल ही में एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने इलाज के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश पर अब आरजू का उपचार दिल्ली एम्स में हो सकेगा।
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बच्ची के पिता मुश्ताक के अनुसार पहले वह इस बीमारी को समझ नहीं पाए थे और जम्मू-कश्मीर में ही बच्ची का इलाज करवा रहे थे। जब इस बीमारी के बारे में पता चला तो बच्ची को दिल्ली लेकर आए। एम्स में भी पहले उन्हें उपचार के लिए डॉक्टरों ने टाल दिया जिसके बाद वे एडवोकेट अशोक अग्रवाल के पास मदद के लिए पहुंचे।
उन्होंने बताया कि बीमारी से बचाव के लिए दिए जाने वाले एक इंजेक्शन की कीमत लगभग एक लाख 10 हजार रुपये है। आर्थिक रुप से कमजोर होने के चलते उनके लिए उपचार करा पाना संभव नहीं है।
एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने बताया कि अगली तारीख पर कोर्ट यह तय करेगी कि बच्ची के इलाज का खर्च दिल्ली सरकार देगी, केंद्र सरकार देगी या फिर जम्मू-कश्मीर प्रशासन देगा। फिलहाल कोर्ट ने एम्स को बच्ची का इलाज करने के निर्देश दे दिए हैं।
डॉक्टरों के अनुसार गोचर रोग से शरीर में खून की कमी होने लगती है और थकान बढ़ती जाती है। इसके साथ ही प्लेटलेट भी कम होती जाती हैं और लीवर का आकार बड़ा होने लगता है। हड्डी और फेफड़े कमजोर होने लगते हैं। दिमाग पर भी इस बीमारी का असर पड़ता है और दौरे आने शुरू हो जाते हैं।