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दिल्ली सरकार की डेथ ऑडिट रिपोर्टः होम आइसोलेशन में एक सप्ताह में एक भी मौत नहीं

Sun, 12 Jul 2020 01:00 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sun, 12 Jul 2020 01:00 AM IST
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Home isolation : not a single death in a week
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

राजधानी में कोरोना वायरस का असर कम होने लगा है। यही वजह है कि बीते एक सप्ताह में होम आइसोलेशन में रहने वाले एक भी मरीज की मौत नहीं हुई। संक्रमण से होने वाली मौतें भी कम हुई हैं। मृत्युदर जून में जहां 3.64 फीसदी थी, वहीं जुलाई में घटकर 3.02 फीसदी रह गई है। 

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खास बात यह कि मृतकों में ज्यादातर वह लोग शामिल हैं, जो गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे और उनमें से अधिकतर को पहले से कोई न कोई बीमारी थी। इसका खुलासा दिल्ली सरकार की डेथ ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने रिपोर्ट पेश कर दी है।
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इससे पहले बीते दिनों मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया था कि वह 15 दिन में हुई मौतों की वजह का आकलन करते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे। विभाग ने 24 जून से 8 जुलाई के बीच मौत के आंकड़ों का आकलन किया।
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इसमेें पता चलता है कि इस बीच कुल 691 मौत हुईं। इनमें 505 लोग कोरोना इलाज कराने तब पहुंचे थे जब उनकी हालत गंभीर थी। 291 ऐसे लोग थे, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर वह अस्पताल में भर्ती हुए। यह पहले से किसी न किसी गंभीर बीमारी का इलाज करा रहे थे।

ऑक्सीमीटर और ऑक्सीजन को वजह मान रही सरकार
रिपोर्ट के मुताबिक, होम आइसोलेशन में अब तक कुल 7 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। सभी मौतें 24 से 30 जून के बीच हुई। एक जुलाई के बाद से होम आइसोलेशन में मौत का आंकड़ा शून्य है। सरकार इसके लिए हर घर ऑक्सीमीटर व ऑक्सीजन मुहैया कराने की योजना को बड़ी वजह मान रही है। सरकार ने करीब 59 हजार ऑक्सीमीटर खरीदे हैं। इसमें से 58 हजार का इस्तेमाल भी हो रहा है।

अस्पताल में भर्ती नहीं होने से 28 की मौत
रिपोर्ट से पता चला है कि अस्पताल में भर्ती न होने या इसमें देरी होने से 28 लोगों की मौत हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 23 जून के बाद से मृत्युदर कम हुई है। जून मध्य तक हर दिन औसतन 90 लोगों की मौत होती थी, जो अब रोजाना औसतन 46 हो गई है।

अस्पताल प्रबंधन की जांच हो : केजरीवाल
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सभी अस्पतालों के प्रबंधन व्यवस्था की विस्तृत जांच की जानी चाहिए। हर अस्पताल में छुट्टी पाने वाले मरीजों की कुल संख्या में मृत्यु के अनुपात की रिपोर्ट तैयार की जाए। जिन अस्पतालों का अनुपात कम होगा, वहां का प्रबंधन बेहतर होगा। ऐसे अस्पतालों का अध्ययन कर दूसरे अस्पतालों को अपनी कार्य प्रणाली सुधार करनी होगी।

एक माह बाद कम हुई मृत्युदर

करीब एक माह से लगातार प्रतिदिन कोरोना से मौत का आंकड़ा 40 से ऊपर था, लेकिन शनिवार को कुछ राहत मिली और 34 लोगों ने जान गंवाई।  
राजधानी में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 1781 नए मामले सामने आए और विभिन्न अस्पतालों से स्वस्थ होने के बाद 2998 लोगों को छुट्टी दे दी गई।

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कुल संक्रमित 1,10,921 हो गए हैं, जबकि 3334 की मौत हो चुकी है। विभिन्न कोविड अस्पतालों में 15,253 मरीजों को भर्ती करने की क्षमता है। इस समय 4502 मरीज भर्ती हैं। कोविड केयर सेंटर में 1857 और हेल्थ सेंटर में 157 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें हेल्थ सेंटर में 544 और कोविड केयर सेंटर में 9217 मरीजों को रखने की क्षमता है। इस समय 11598 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। अब तक 7,68,617 लोगों की जांच की जा चुकी है।

बीते 24 घंटों में 21,508 लोगों की जांच की गई। इनमें 1781 संक्रमित मिले। इस लिहाज से संक्रमण दर 8.3 फीसदी रही।

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