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कोरोना से निपटने के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट की संख्या बढ़ाए दिल्ली सरकार: हाईकोर्ट
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए सोमवार को दिल्ली सरकार को त्वरित जांच रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। पीठ इस याचिका पर अगली सुनवाई 26 जून को करेगी। यह याचिका अधिवक्ता संजीव शर्मा की ओर से दायर की गई।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रतिदिन की जा रही आरएटी जांच की संख्या की स्थिति बहुत खराब है क्योंकि यह दिल्ली सरकार द्वारा तय की गईं प्रतिदिन 22 हजार जांच के 50 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच पा रही। पीठ ने कहा यदि दिल्ली सरकार रैपिड एंटीजन टेस्ट की संख्या बढ़ा सकती हैं तो यह जितना जल्द करेंगे, उतना बेहतर होगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेश हुए अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता सत्यकाम ने कहा कि आरएटी जांच 18 जून को शुरू की गई थी और यह परीक्षण के चरण में है। उन्होंने कहा कि यह जांच प्रणाली अभी हॉट स्पॉट तथा निषिद्ध क्षेत्रों तक सीमित है। उन्होंने पीठ से कहा कि एक सप्ताह बाद आरएटी की संख्या में वृद्धि होगी। आरएटी जांच कोविड-19 अस्पतालों में भी अनुमति दी जानी चाहिए जिससे जांच वृद्धि हो सके।
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याचिका में ऐसे अनेक उदाहरण दिए गए जिससे स्पष्ट हुआ कि गैर-कोविड रोगियों का ऑपरेशन करने या अन्य आपातकालीन सर्जरी से पहले उनकी कोविड-19 जांच कराई जानी आवश्यक होती है, लेकिन संबंधित अस्पताल ऐसी जांच नहीं कर पाते क्योंकि दिल्ली सरकार ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी है।
पीठ ने इसी मामले में पहले निजी प्रयोगशालाओं से पूछा था कि उन्हें कोविड-19 जांच करने में क्या कठिनाइयों आ रही हैं। प्रयोगशालाओं ने 18 जून को कठिनाइयों पर अपना जवाब पेश किया था। अदालत ने उपराज्यपाल द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति से कहा कि वह इन मुद्दों को देखने और उनके समाधान के लिए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को परामर्श दें।
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न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रतिदिन की जा रही आरएटी जांच की संख्या की स्थिति बहुत खराब है क्योंकि यह दिल्ली सरकार द्वारा तय की गईं प्रतिदिन 22 हजार जांच के 50 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच पा रही। पीठ ने कहा यदि दिल्ली सरकार रैपिड एंटीजन टेस्ट की संख्या बढ़ा सकती हैं तो यह जितना जल्द करेंगे, उतना बेहतर होगा।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेश हुए अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता सत्यकाम ने कहा कि आरएटी जांच 18 जून को शुरू की गई थी और यह परीक्षण के चरण में है। उन्होंने कहा कि यह जांच प्रणाली अभी हॉट स्पॉट तथा निषिद्ध क्षेत्रों तक सीमित है। उन्होंने पीठ से कहा कि एक सप्ताह बाद आरएटी की संख्या में वृद्धि होगी। आरएटी जांच कोविड-19 अस्पतालों में भी अनुमति दी जानी चाहिए जिससे जांच वृद्धि हो सके।
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याचिका में ऐसे अनेक उदाहरण दिए गए जिससे स्पष्ट हुआ कि गैर-कोविड रोगियों का ऑपरेशन करने या अन्य आपातकालीन सर्जरी से पहले उनकी कोविड-19 जांच कराई जानी आवश्यक होती है, लेकिन संबंधित अस्पताल ऐसी जांच नहीं कर पाते क्योंकि दिल्ली सरकार ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी है।
पीठ ने इसी मामले में पहले निजी प्रयोगशालाओं से पूछा था कि उन्हें कोविड-19 जांच करने में क्या कठिनाइयों आ रही हैं। प्रयोगशालाओं ने 18 जून को कठिनाइयों पर अपना जवाब पेश किया था। अदालत ने उपराज्यपाल द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति से कहा कि वह इन मुद्दों को देखने और उनके समाधान के लिए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को परामर्श दें।