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वेब सीरीज तांडव मामला: प्रथमिकी दर्ज करने के लिए दायर याचिका पर 19 अप्रैल को होगी सुनवाई
Sat, 23 Jan 2021 10:03 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 23 Jan 2021 10:03 PM IST
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तांडव
- फोटो : अमर उजाला
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वेब सीरीज तांडव के निर्माता निदेशक, अभिनेता सैफ अली खान सहित अमेजन ओरिजिनल कंटेंट, इंडिया की हेड अपर्णा पुरोहित व अन्य के खिलाफ प्रथमिकी दर्ज करने के लिए दायर याचिका पर शनिवार को सुनवाई नहीं हो पाई।
दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत के जज उमेश कुमार ने याची के वकील से कहा कि वर्तमान में विडियो कांफ्रेंसिग सिस्टम से सुनवाई हो रही है। वे इस याचिका पर फिजिकल रूप से 19 अप्रैल को सुनवाई करेंगे।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सीरीज के जरिए धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, हिंदू धर्म का उपहास उड़ाने और उत्तर प्रदेश सरकार को निशाना बनाने का प्रयास किया गया है। ऐसे में सीरीज पर रोक लगाकर सभी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए।
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यह याचिका हिंदू सेना के संस्थापक सदस्य विष्णु गुप्ता ने दायर की है। शिकायतकर्ता ने याचिका में सीरीज के निदेशक अली अब्बास जफर, निर्माता हिमांशु कृष्ण मेहरा, वेब सीरीज के लेखक गौरव सोलंकी, अभिनेता सैफ अली खान, मोहम्मद जीशान अयूब और गौहर खान को आरोपी बनया है।
उन्होंने सभी के खिलाफ धारा 153/295/505(1)/505(2) आईपीसी और धारा 66/67 आईटी एक्ट, 20 के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश देने का आग्रह किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सभी ने बदनियती व आपराधिक इरादे से हिंदू धर्म का उपहास उड़ाया है और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच दुश्मनी की भावनाओं को बढ़ावा दिया है ।
उन्होंने कहा कि आरोपियों ने तांडव वेब श्रृंखला में आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण रूप से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। इतना ही नहीं, इससे शिकायतकर्ता की धार्मिक भावनाओं के साथ हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं और धार्मिक मान्यताओं को ठेस पंहुचाने के लिए एकमात्र इरादे के साथ हिंदू देवताओं की खिल्ली उड़ाई है।
तांडव वेब सीरीज ने बिना किसी कानूनी औचित्य के दिखाया है कि पुलिस उत्तर प्रदेश सरकार के तहत एक समुदाय विशेष के लोगों के खिलाफ को फर्जी मुठभेड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सब उत्तर प्रदेश सरकार को बदनाम करने और दो समुदायों के बीच घृणा का माहौल बनाने के लिए दुर्भावना और आपराधिक इरादे से किया जा रहा है।
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दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत के जज उमेश कुमार ने याची के वकील से कहा कि वर्तमान में विडियो कांफ्रेंसिग सिस्टम से सुनवाई हो रही है। वे इस याचिका पर फिजिकल रूप से 19 अप्रैल को सुनवाई करेंगे।
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि सीरीज के जरिए धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, हिंदू धर्म का उपहास उड़ाने और उत्तर प्रदेश सरकार को निशाना बनाने का प्रयास किया गया है। ऐसे में सीरीज पर रोक लगाकर सभी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए।
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यह याचिका हिंदू सेना के संस्थापक सदस्य विष्णु गुप्ता ने दायर की है। शिकायतकर्ता ने याचिका में सीरीज के निदेशक अली अब्बास जफर, निर्माता हिमांशु कृष्ण मेहरा, वेब सीरीज के लेखक गौरव सोलंकी, अभिनेता सैफ अली खान, मोहम्मद जीशान अयूब और गौहर खान को आरोपी बनया है।
उन्होंने सभी के खिलाफ धारा 153/295/505(1)/505(2) आईपीसी और धारा 66/67 आईटी एक्ट, 20 के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश देने का आग्रह किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सभी ने बदनियती व आपराधिक इरादे से हिंदू धर्म का उपहास उड़ाया है और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच दुश्मनी की भावनाओं को बढ़ावा दिया है ।
उन्होंने कहा कि आरोपियों ने तांडव वेब श्रृंखला में आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण रूप से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। इतना ही नहीं, इससे शिकायतकर्ता की धार्मिक भावनाओं के साथ हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं और धार्मिक मान्यताओं को ठेस पंहुचाने के लिए एकमात्र इरादे के साथ हिंदू देवताओं की खिल्ली उड़ाई है।
तांडव वेब सीरीज ने बिना किसी कानूनी औचित्य के दिखाया है कि पुलिस उत्तर प्रदेश सरकार के तहत एक समुदाय विशेष के लोगों के खिलाफ को फर्जी मुठभेड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सब उत्तर प्रदेश सरकार को बदनाम करने और दो समुदायों के बीच घृणा का माहौल बनाने के लिए दुर्भावना और आपराधिक इरादे से किया जा रहा है।