रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से ग्रुप डी पदों के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में चयन के बाद भी नौकरी न मिलने से नाराज सैकड़ों दिव्यांग अभ्यर्थियों ने सरकार और रेलवे बोर्ड के खिलाफ विरोध जताया।
तस्वीरेंः रेलवे में नौकरी नहीं मिलने से खफा दिव्यांगों ने किया प्रदर्शन, दिल्ली पटरी से उतरी
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अपनी मांगों के समर्थन में बुधवार दोपहर बाद से ही उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के चयनित अभ्यर्थियों ने मंडी हाउस चौराहे पर सात घंटे तक जाम लगाए रखा। रात नौ बजे तक इस रास्ते से कनॉट प्लेस से आईटीओ के लिए जाने वाले वाहन चालकों को भारी जाम से जूझना पड़ा।
परीक्षा में चुने गए अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के बाद श्रेणियों में बदलाव कर दिया गया, जबकि लिखित परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद प्रमाण पत्रों की जांच के बाद भी नौकरियां नहीं दी गईं। हालात को सामान्य करने के लिए शाम करीब सात बजे रेलवे बोर्ड की एक अधिकारी भी मौके पर पहुंचीं, लेकिन दिव्यांग अभ्यर्थी अपनी मांग पर अड़ेे रहे।
2018 में अलग-अलग राज्यों के रेलवे भर्ती बोर्ड की तरफ से 6200 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इनमें दिव्यांगों के लिए नियमानुसार तीन फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया था, लेकिन बाद में इसमें भी बदलाव कर दिया गया।
लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद भी नौकरियां नहीं दी गईं। इसके बाद यह मामला मुख्य आयुक्त दिव्यांगजन की न्यायालय में पहुंच गया। वहां इस मामले पर पहले तीन बार सुनवाई में भी अभ्यर्थियों को जब नौकरी की उम्मीद नहीं दिखी, तो बुधवार को इस मामले में रेलवे बोर्ड को अपना पक्ष रखना था, लेकिन किसी के न पहुंचने की वजह से इस पर कोई निर्णय लेने पर अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया।